रविवार, 11 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
गुजरात

राजकोट में डेंगू-मलेरिया पर तकनीक का पहरा, ड्रोन और AI से खोजे गए 10,000 से ज़्यादा मच्छर प्रजनन स्थल

गुजरात के राजकोट में मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया के बढ़ते ख़तरे से निपटने के लिए नगर निगम ने एक हाईटेक अभियान छेड़ा है। इस अनूठी पहल में ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल…

राजकोट में डेंगू-मलेरिया पर तकनीक का पहरा, ड्रोन और AI से खोजे गए 10,000 से ज़्यादा मच्छर प्रजनन स्थल
(फोटो: IANS)

गुजरात के राजकोट में मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया के बढ़ते ख़तरे से निपटने के लिए नगर निगम ने एक हाईटेक अभियान छेड़ा है। इस अनूठी पहल में ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर शहर भर में मच्छरों के पनपने की हज़ारों संभावित जगहों की पहचान की गई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस तकनीक-आधारित सर्वेक्षण से अब तक 10,333 ऐसे स्थलों को चिह्नित किया जा चुका है, जहाँ बीमारियाँ फैलाने वाले मच्छर पैदा हो सकते हैं।

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राजकोट नगर निगम (RMC) के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि चिह्नित किए गए स्थलों में से 5,605 पर कीटनाशक छिड़काव और स्रोत को खत्म करने जैसे ज़रूरी कदम उठाए जा चुके हैं। दुर्गम और जोखिम भरी जगहों, जैसे नदी के किनारे, गड्ढों और तालाबों तक पहुँचने के लिए ड्रोन का प्रभावी इस्तेमाल किया गया। इन ड्रोनों ने कुल 149 घंटे उड़ान भरकर कीटनाशकों का छिड़काव किया।

तकनीक और पारंपरिक उपायों का मेल

यह सर्वेक्षण शहर के कुल 161.85 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से 95.27 वर्ग किलोमीटर में किया गया, जिसमें 10 निगम वार्डों (3, 7, 13, 4, 5, 6, 18, 1, 11 और 12) के हिस्से शामिल थे। ड्रोन से मिले डेटा की पुष्टि के लिए स्वास्थ्यकर्मी ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं और ज़रूरत के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं।

इस हाईटेक अभियान के साथ-साथ, नगर निगम ने अपने पारंपरिक मच्छर नियंत्रण के प्रयासों को भी तेज़ कर दिया है। 1 से 7 अक्टूबर के बीच, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीमों ने 1,03,359 घरों का दौरा कर मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया। इसके अलावा, 953 घरों में फॉगिंग की गई और घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी गाड़ियों से भी धुआँ छोड़ा गया।

निगरानी और जन-जागरूकता पर ज़ोर

नगर निगम ने केवल आवासीय ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक परिसरों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। निर्माण स्थलों, स्कूलों, अस्पतालों और होटलों समेत 303 गैर-आवासीय परिसरों का निरीक्षण किया गया। नियमों का उल्लंघन करने पर 260 आवासीय और 37 व्यावसायिक परिसरों को नोटिस जारी किए गए और प्रशासनिक शुल्क भी वसूला गया।

जल-जनित रोगों की रोकथाम के लिए भी निगरानी जारी है। स्वास्थ्य विभाग के बयान के अनुसार, अक्टूबर के पहले सप्ताह में 2,47,323 लोगों का सर्वेक्षण किया गया और क्लोरीन की 4,664 गोलियाँ व ORS के 889 पैकेट बांटे गए। निगम ने नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने, पानी जमा न होने देने और पीने के पानी को उबालकर इस्तेमाल करने की अपील की है।

इनपुट: IANS

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News4Social गुजरात डेस्क

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