रविवार, 11 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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गुजरात: सखी मंडलों के उत्पादों को मिला बड़ा बाज़ार, 136 बस स्टैंडों पर खुले 'ग्राम हाट'

गुजरात में महिला स्वयं सहायता समूहों (सखी मंडल) के बनाए उत्पादों को अब एक बड़ा और स्थायी बाज़ार मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को राजकोट से एक कार्यक्रम में राज्य के 27 जिलों में स्थित 136…

गुजरात: सखी मंडलों के उत्पादों को मिला बड़ा बाज़ार, 136 बस स्टैंडों पर खुले 'ग्राम हाट'
(फोटो: IANS)

गुजरात में महिला स्वयं सहायता समूहों (सखी मंडल) के बनाए उत्पादों को अब एक बड़ा और स्थायी बाज़ार मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को राजकोट से एक कार्यक्रम में राज्य के 27 जिलों में स्थित 136 बस स्टैंडों पर 'ग्राम हाट' का ई-लोकार्पण किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसे राज्य की महिलाओं के लिए 'नवरात्रि की भेंट' बताया गया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के हस्तशिल्प और घरेलू खाद्य उत्पादों की बिक्री बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

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राजकोट के रेसकोर्स ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय 'सरस मेले' का भी शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका संकल्प महिलाओं को विकास यात्रा में केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि एक 'डेवलपमेंट पार्टनर' बनाना है। उन्होंने कहा कि बस और रेलवे स्टेशनों पर स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए बिक्री की व्यवस्था होने से 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र सार्थक होगा।

समझौतों से मिलेगी नई उड़ान

इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाज़ार उपलब्ध कराने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए 13 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए। गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी (GLPC) ने अमूल, GSRTC, रेलवे, पशुपालन विभाग के साथ-साथ NIFT, MICA जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं और कई प्रमुख बैंकों के साथ ये समझौते किए हैं।

एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत, अमूल राज्य के 18,000 गांवों में महिलाओं द्वारा संचालित मिल्क पार्लर शुरू करेगा। इसके अलावा, महिलाओं को सफल डिजिटल उद्यमी बनाने के लिए NIFT और MICA जैसी संस्थाएं मार्गदर्शन और मेंटरशिप प्रदान करेंगी।

आर्थिक सशक्तीकरण पर ज़ोर

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात सरकार महिलाओं की आर्थिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले साल इस क्षेत्र में 800 करोड़ रुपए की सहायता दी गई थी और भविष्य में इसे और बढ़ाया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात में अब तक 8.5 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं।

ग्राम विकास मंत्री कुंवरजी बावळिया ने बताया कि राज्य में 'मिशन मंगलम' अभियान महिला सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में आयोजित 236 सरस मेलों में लगभग 8,500 स्वयं सहायता समूहों ने करीब 40 करोड़ रुपए की बिक्री की है। इस कार्यक्रम में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को कैश क्रेडिट चेक, अमूल पार्लर आवंटन पत्र और ई-कॉमर्स प्रोत्साहन राशि भी वितरित की गई। साथ ही, 139 घुमंतू एवं विमुक्त जाति के परिवारों को आवास के लिए निःशुल्क प्लॉट भी दिए गए।

इनपुट: IANS

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News4Social गुजरात डेस्क

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