अहमदाबाद: डिलीवरी ऐप 'पोर्टर' के ज़रिए भेजी जा रही थी ड्रग्स, पुलिस ने कारोबारी को किया गिरफ़्तार
गुजरात के अहमदाबाद में डिलीवरी सर्विस ऐप 'पोर्टर' का इस्तेमाल कर नशीले पदार्थ भेजने का एक मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में एक 27 वर्षीय व्यवसायी को…
गुजरात के अहमदाबाद में डिलीवरी सर्विस ऐप 'पोर्टर' का इस्तेमाल कर नशीले पदार्थ भेजने का एक मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में एक 27 वर्षीय व्यवसायी को गिरफ़्तार किया है, जिस पर पार्सल के ज़रिए ड्रग्स मँगवाने का आरोप है। पार्सल से 0.77 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ है, जिसकी कीमत 1,540 रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस कंट्रोल रूम को एक एप्लिकेशन के माध्यम से भेजे जा रहे संदिग्ध पार्सल की सूचना मिली। यह पार्सल अहमदाबाद के नाना चिलोडा सर्कल के पास से भेजा जा रहा था। सूचना पर कार्रवाई करते हुए नरोडा पुलिस मौके पर पहुँची।
कैसे हुई ड्रग्स की पुष्टि और गिरफ़्तारी
मौके पर मौजूद गवाहों के सामने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के एक अधिकारी ने पार्सल में मिले पदार्थ की शुरुआती जाँच की, जिसमें इसके सिंथेटिक ड्रग 'मेफेड्रोन' होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने पदार्थ को ज़ब्त कर लिया।
शुरुआत में, पुलिस ने तीन अज्ञात मोबाइल फोन धारकों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धाराओं 8(सी), 22(ए) और 29 के तहत मामला दर्ज किया। जाँच आगे बढ़ी तो पुलिस ने पार्सल मँगवाने वाले संदिग्ध व्यक्ति का पता लगाकर उसे गिरफ़्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान और जाँच का दायरा
गिरफ़्तार आरोपी की पहचान 27 वर्षीय प्रियंग संघवी के रूप में हुई है, जो शहर के साबरमती इलाके में 'आराम पार्क फ्लैट्स' में रहता है और एक व्यवसायी है। वह मूल रूप से राजस्थान के सिरोही ज़िले का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार, इस काम के लिए एक गवाह के मोबाइल नंबर का उपयोग करके 'पोर्टर' ऐप में लॉग इन किया गया था। ड्रग्स को अलग-अलग ज़िप वाले बैग में पैक कर डिलीवरी के लिए भेजा गया था, जिसे एक बिचौलिए के ज़रिए अलग-अलग ग्राहकों तक पहुँचाया जाना था। अब पुलिस यह जाँच कर रही है कि इस अवैध तस्करी के लिए डिलीवरी ऐप का इस्तेमाल कैसे किया गया और इसमें और कौन लोग शामिल हैं।
इनपुट: IANS



