सोमवार, 24 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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तमिलनाडु: बाघ के हमले में दो मौतों के बाद गुडलूर में हड़ताल, वन विभाग पर लापरवाही का आरोप

तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में बाघ के संदिग्ध हमलों में दो लोगों की जान जाने के बाद स्थानीय निवासियों में डर और गुस्सा व्याप्त है। इसी के चलते, विभिन्न राजनीतिक दलों और व्यापारी संगठनों ने वन विभाग पर…

तमिलनाडु: बाघ के हमले में दो मौतों के बाद गुडलूर में हड़ताल, वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में बाघ के संदिग्ध हमलों में दो लोगों की जान जाने के बाद स्थानीय निवासियों में डर और गुस्सा व्याप्त है। इसी के चलते, विभिन्न राजनीतिक दलों और व्यापारी संगठनों ने वन विभाग पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए गुडलूर विधानसभा क्षेत्र में 27 और 28 अगस्त को दो दिवसीय आम हड़ताल का आह्वान किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बंद का उद्देश्य अधिकारियों पर जंगली जानवरों के हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का दबाव बनाना है।

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यह फैसला रविवार को गुडलूर में हुई एक सर्वदलीय बैठक में लिया गया। इसमें सत्तारूढ़ डीएमके के साथ-साथ भाजपा, कांग्रेस, वीसीके, सीपीआई, सीपीआई (एम), एनटीके और एसडीपीआई जैसे दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने व्यापारियों, बागान श्रमिकों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों से भी इस बंद का समर्थन करने की अपील की है।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद ओ-वैली टाउन पंचायत के लॉरिस्टन इलाके में दो लोगों की मौत के बाद शुरू हुआ। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन मौतों के लिए एक बाघ जिम्मेदार है। डीएमके के गुडलूर टाउन सचिव एस. इलांचेझियन ने आरोप लगाया कि अगर वन विभाग ने 9 अगस्त को हुए पहले हमले के तुरंत बाद बाघ को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया होता, तो दूसरे व्यक्ति के. रवि कुमार की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मांग की कि चूंकि ये हमले रिहायशी इलाकों के पास हुए हैं, इसलिए उस जानवर को खत्म कर दिया जाना चाहिए।

विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारियां

21 अगस्त को रवि कुमार की मौत के बाद हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कथित तौर पर बोतलें फेंके जाने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बैठक में शामिल राजनीतिक दलों ने एक प्रस्ताव पारित कर इन गिरफ्तारियों का विरोध किया और हिरासत में लिए गए वीसीके और डीवाईएफआई के पदाधिकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस ने सीधे तौर पर शामिल लोगों को पकड़ने के बजाय जन-प्रतिनिधियों को निशाना बनाया।

हड़ताल का क्या असर होगा?

हड़ताल के दौरान गुडलूर में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। गुडलूर व्याबारीकल संगम ने घोषणा की है कि किराने की दुकानें बंद रहेंगी। ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों के भी सड़कों से दूर रहने की उम्मीद है। नीलगिरी के एक प्रमुख पर्यटन केंद्र मासिनागुडी में भी रिसॉर्ट और कॉटेज बंद रह सकते हैं। बागान कर्मचारियों ने भी काम पर न जाने और अपने बच्चों को स्कूल न भेजने का फैसला किया है।

प्रशासन और वन विभाग का पक्ष

गुडलूर के राजस्व संभागीय अधिकारी एस.के. गुनासेकरन के अनुसार, संबंधित पक्षों के साथ बातचीत नीलगिरि की कलेक्टर से मंजूरी मिलने के बाद शुरू की जाएगी। इस बीच, वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं। जिला वन अधिकारी पी. देवराज ने बताया कि पिंजरों की संख्या छह से बढ़ाकर आठ कर दी गई है और 60 कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाघ के पैरों के निशान और मल मिले हैं, लेकिन अभी तक उसे देखा नहीं जा सका है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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