रेड बुल और स्टिंग समेत कई बड़े ब्रांड्स पर FSSAI का शिकंजा, 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द के इस्तेमाल पर भेजा नोटिस
भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने कई बड़े बेवरेज ब्रांड्स को उनके उत्पादों पर 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द के इस्तेमाल और भ्रामक दावों को लेकर नोटिस जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताब
भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने कई बड़े बेवरेज ब्रांड्स को उनके उत्पादों पर 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द के इस्तेमाल और भ्रामक दावों को लेकर नोटिस जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नियामक का कहना है कि खाद्य सुरक्षा कानूनों में इस तरह के पेय पदार्थों के लिए कोई मानक ही तय नहीं है, इसलिए इन्हें 'एनर्जी ड्रिंक' कहना नियमों का उल्लंघन है।
इस कार्रवाई के दायरे में रेड बुल, मॉन्स्टर एनर्जी, कैम्पा एनर्जी ड्रिंक और हेल एनर्जी जैसे लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं। इसके अलावा, पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स को उसके दो उत्पादों- स्टिंग (Sting) और एड्रेनालिन रश (Adrenaline Rush) के लिए नोटिस भेजा गया है। FSSAI ने यह कदम सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए सार्वजनिक किया।
कानूनी आधार क्या है?
FSSAI ने साफ किया है कि 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' और इसके तहत बने नियमों में 'एनर्जी ड्रिंक्स' जैसी किसी भी श्रेणी को परिभाषित नहीं किया गया है। नियामक के अनुसार, कुछ कंपनियां 'फूड कैटेगरी सिस्टम' का हवाला दे सकती हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल किसी उत्पाद का नाम रखने या लेबलिंग के लिए नहीं किया जा सकता।
अथॉरिटी ने यह भी आरोप लगाया है कि ये ब्रांड्स अपने लेबल पर ऐसे दावे कर रहे हैं जो मौजूदा नियमों के तहत मंजूर नहीं हैं। इनमें 'एनर्जी लेवल बढ़ाना', 'फोकस बेहतर करना', 'शरीर और दिमाग को ताज़गी देना' या 'कमजोरी में मदद करना' जैसे कार्यात्मक या चिकित्सीय फायदे बताने वाले दावे शामिल हैं।
भ्रामक दावों के खिलाफ़ बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई खाद्य और पेय सेक्टर में गलत ब्रांडिंग और भ्रामक दावों को रोकने के लिए FSSAI द्वारा चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी कंपनियां अपने उत्पादों की लेबलिंग में खाद्य सुरक्षा अधिनियम का पूरी तरह पालन करें।
इससे पहले जून में भी नियामक ने कई अन्य खाद्य व्यापार ऑपरेटरों (FBOs) को ग्राहकों की शिकायतों और उत्पादों के बारे में गुमराह करने वाले दावों के चलते नोटिस जारी किए थे और सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
इनपुट: IANS



