मणिपुर: इंफाल वेस्ट में उपद्रवियों ने कई घर फूंके, सुरक्षा बलों ने बड़ी सांप्रदायिक झड़प होने से रोकी
मणिपुर में जातीय हिंसा की आग एक बार फिर भड़क उठी जब इंफाल वेस्ट जिले के कांटो सबल इलाके में उपद्रवियों ने मैतेई समुदाय के कई खाली पड़े घरों में आग लगा दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शनिवार को हुई इस
मणिपुर में जातीय हिंसा की आग एक बार फिर भड़क उठी जब इंफाल वेस्ट जिले के कांटो सबल इलाके में उपद्रवियों ने मैतेई समुदाय के कई खाली पड़े घरों में आग लगा दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शनिवार को हुई इस घटना के बाद इलाके में तनाव काफी बढ़ गया और एक बड़ी सांप्रदायिक झड़प का खतरा पैदा हो गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आगजनी की खबर फैलते ही करीब 600 पुरुषों और महिलाओं की गुस्साई भीड़ कांटो सबल की ओर बढ़ने लगी। हालांकि, मौके पर तैनात सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए भीड़ को आगे जाने से रोक दिया, जिससे एक संभावित टकराव टल गया। अधिकारी के मुताबिक, उपद्रवियों द्वारा और घरों को आग लगाने की कोशिश को भी नाकाम कर दिया गया, जिसके चलते किसी की जान को कोई नुकसान नहीं हुआ। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।
सुरक्षा बलों पर नाकामी के आरोप
स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद संदिग्ध कुकी उपद्रवी घरों को जलाने में कामयाब रहे और बल उन्हें रोकने में विफल रहा। लोगों के अनुसार, पड़ोसी जिले कांगपोकपी से बड़ी संख्या में आए लोगों ने इन घरों को निशाना बनाया। ये घर मई 2023 में राज्य में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से ही खाली पड़े थे।
तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हालात
आगजनी के बाद इलाके में दहशत फैल गई और मैतेई तथा नागा समुदाय के सैकड़ों लोग आग बुझाने के लिए जमा हो गए। जब भीड़ ने प्रभावित इलाके की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया। स्थिति को काबू में करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। फिलहाल, इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। कांटो सबल इलाका इंफाल घाटी और कुकी-बहुल कांगपोकपी जिले की सीमा पर स्थित होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
इनपुट: IANS



