गुरूवार, 16 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
अपराध

केरल: प्रियंका गांधी के दफ्तर का नाम लेकर कांग्रेस विधायकों को मंत्री पद का झांसा, साइबर पुलिस ने जांच शुरू की

केरल में कांग्रेस के कई विधायकों को निशाना बनाकर एक बड़ी राजनीतिक धोखाधड़ी की कोशिश का मामला सामने आया है। जालसाजों ने खुद को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यालय का अधिकारी बताकर विधायकों

केरल: प्रियंका गांधी के दफ्तर का नाम लेकर कांग्रेस विधायकों को मंत्री पद का झांसा, साइबर पुलिस ने जांच शुरू की
(फोटो: IANS)

केरल में कांग्रेस के कई विधायकों को निशाना बनाकर एक बड़ी राजनीतिक धोखाधड़ी की कोशिश का मामला सामने आया है। जालसाजों ने खुद को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यालय का अधिकारी बताकर विधायकों को मंत्री पद दिलाने के बदले करोड़ों रुपये की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रियंका गांधी के निजी सचिव ने केरल पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद साइबर जांच शुरू कर दी गई है।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब एलाथुर की विधायक विद्या बालकृष्णन को व्हाट्सएप पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने दावा किया कि वह प्रियंका गांधी के दिल्ली स्थित कार्यालय से बोल रहा है और केरल में जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल होने वाला है। उसने विद्या को मंत्रालय में पद दिलाने का आश्वासन देते हुए इसके बदले 3 करोड़ रुपये की मांग की।

कई नेताओं को किया गया संपर्क

जांच में यह बात सामने आई है कि यह धोखाधड़ी सिर्फ एक विधायक तक सीमित नहीं थी। इसी फोन नंबर का इस्तेमाल वडकारा के सांसद शफी परम्बिल और इडुक्की के सांसद डीन कुरियाकोस से संपर्क करने के लिए भी किया गया था। इस संगठित प्रयास के बाद प्रियंका गांधी के निजी सचिव डीएस राजकुमार ने केरल के पुलिस महानिदेशक (DGP) और वायनाड के पुलिस अधीक्षक (SP) के पास शिकायत दर्ज कराई।

कांग्रेस विधायक विद्या बालकृष्णन ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें व्हाट्सएप कॉल आई थी और उन्होंने पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर पुलिस से संपर्क किया। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने भी प्रतिक्रिया दी। जब उनसे कथित मंत्रिमंडलीय फेरबदल और पदों के प्रस्ताव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, "मंत्रिमंडल फेरबदल, और वह भी मेरी जानकारी के बिना?" उन्होंने इस दावे को बेतुका बताकर खारिज कर दिया।

साइबर पुलिस की जांच और चुनौतियां

शिकायत के आधार पर दोहरी जांच चल रही है। कलपेट्टा साइबर पुलिस ने प्रतिरूपण (impersonation) का मामला दर्ज किया है, वहीं विद्या बालकृष्णन की शिकायत पर कोझिकोड साइबर सेल भी समानांतर जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में पता चला है कि कॉल दिल्ली से किए गए थे।

पुलिस को शक है कि जालसाजों ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए कॉलर स्पूफिंग जैसी आधुनिक तकनीक और फर्जी खातों का इस्तेमाल किया है। इससे जांचकर्ताओं का मानना है कि जो फोन नंबर दिख रहा है, वह वास्तविक कॉलर का नहीं हो सकता। साइबर टीम अब इस ऑपरेशन के पीछे के लोगों का पता लगाने के लिए डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर राज्य के बाहर की एजेंसियों से भी मदद ले सकती है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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