दुर्गा पूजा पास घोटाला: कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत नहीं, पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और गायक से नेता बने इंद्रनील सेन ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कलकत्ता…
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और गायक से नेता बने इंद्रनील सेन ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सेन ने यह कदम उठाया है।
सेन पर यूनेस्को टैग का दुरुपयोग कर दुर्गा पूजा यात्रा के लिए फर्जी पास बेचने से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। शुरुआती अनुमानों में इस कथित घोटाले की रकम करीब 60 करोड़ रुपये बताई गई थी। गिरफ्तारी की आशंका के चलते सेन ने शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है।
क्या है पूरा मामला?
इस मामले की शुरुआत कोलकाता के बो बाजार पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज होने के बाद हुई, जिस पर पहले कोलकाता पुलिस ने जांच शुरू की। बाद में, ED ने भी एक प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अपनी जांच शुरू कर दी। जांच के तहत केंद्रीय एजेंसी पिछले महीने सेन के आवास, उनके रिश्तेदारों और एक इवेंट मैनेजर से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। ED इस सिलसिले में इंद्रनील सेन से दो बार पूछताछ भी कर चुकी है।
हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए सेन ने सबसे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी। 15 अक्टूबर को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल-न्यायाधीश पीठ ने सुनवाई के बाद उनकी याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर अब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। अगले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में अवकाश होने के कारण इस मामले पर सुनवाई बाद में होने की संभावना है।
अन्य जांचों के दायरे में भी सेन
ED की जांच के अलावा इंद्रनील सेन एक और मामले में भी जांच का सामना कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा गठित एक न्यायिक जांच आयोग, तृणमूल कांग्रेस के पिछले शासन के दौरान हुए कथित संस्थागत भ्रष्टाचार की पड़ताल कर रहा है। यह आयोग सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की निविदा प्रक्रियाओं में करोड़ों की कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है, जहां सेन राज्य मंत्री थे।
इनपुट: IANS



