बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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रूस से वैश्विक बाज़ार के लिए डीज़ल की पहली खेप जल्द होगी रवाना, राष्ट्रपति पुतिन ने दी जानकारी

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पुष्टि की है कि रूसी डीज़ल ईंधन से भरा पहला टैंकर अगले दो से तीन दिनों में वैश्विक और अमेरिकी बाज़ारों के लिए रवाना हो जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस खेप…

रूस से वैश्विक बाज़ार के लिए डीज़ल की पहली खेप जल्द होगी रवाना, राष्ट्रपति पुतिन ने दी जानकारी
(फोटो: IANS)

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पुष्टि की है कि रूसी डीज़ल ईंधन से भरा पहला टैंकर अगले दो से तीन दिनों में वैश्विक और अमेरिकी बाज़ारों के लिए रवाना हो जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस खेप में 40 हज़ार टन डीज़ल होगा और यह कई नियोजित खेपों में से पहली है। पुतिन ने यह जानकारी सेंट पीटर्सबर्ग के कॉन्स्टेंटिनोव्स्की पैलेस में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ एक बैठक के दौरान दी।

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यह घटनाक्रम उस पृष्ठभूमि में सामने आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण भारी दबाव में हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने ईंधन आपूर्ति में आई अब तक की 'सबसे बड़ी बाधा' बताया है। क्रेमलिन के मुताबिक, पुतिन ने 9 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी, जिसमें उन्होंने अमेरिकी और वैश्विक बाज़ारों को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने की रूस की तत्परता दोहराई थी।

शांति वार्ता और कूटनीतिक प्रयास

डीज़ल आपूर्ति पर यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन संकट को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज़ है। रूस आने से पहले, अमेरिकी दूत विटकॉफ ने नॉर्वे के ओस्लो में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। यूक्रेन की सरकारी समाचार एजेंसी उक्रिनफॉर्म ने बताया कि मंगलवार को हुई इस बैठक में युद्धविराम के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोर और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब भी मौजूद थे। जेलेंस्की के अनुसार, बातचीत में यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी और देश के पुनर्निर्माण के मुद्दे भी शामिल थे।

ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नज़र

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर तेल, गैस और खनिजों की खोज शुरू करने की योजनाओं का ज़िक्र किया था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्कटिक क्षेत्र में स्थित इस द्वीप में तेल का विशाल भंडार है। हालाँकि, उन्होंने इसका कोई विशिष्ट अनुमान नहीं दिया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भविष्य में अमेरिका पर कोई भी हमला ग्रीनलैंड के रास्ते से हो सकता है और वहां अमेरिकी रक्षा प्रणाली किसी भी खतरे को नाकाम करने में सक्षम होगी। यह बयान अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच हुए एक व्यापक सैन्य समझौते के बाद आया है, जिसका उद्देश्य ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाना है।

इनपुट: IANS

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