अमेरिका: सरकारी खाद्य कार्यक्रम में $6 लाख की धोखाधड़ी के आरोपी भारतीय मूल के कारोबारी को भारत से प्रत्यर्पित किया गया
अमेरिका में सरकारी खाद्य सहायता कार्यक्रम में छह लाख डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी के आरोपी भारतीय मूल के एक किराना कारोबारी को भारत से प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
अमेरिका में सरकारी खाद्य सहायता कार्यक्रम में छह लाख डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी के आरोपी भारतीय मूल के एक किराना कारोबारी को भारत से प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 64 वर्षीय मनजीत सिंह बेदी एफबीआई की 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में शामिल थे और अब उन्हें अमेरिका की एक अदालत में आरोपों का सामना करना होगा।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, वॉशिंगटन राज्य के केंट शहर के निवासी बेदी को संघीय एजेंटों को सौंप दिया गया और 14 अक्टूबर की रात उन्हें अमेरिका के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ वॉशिंगटन लाया गया। उनकी पेशी टैकोमा की अमेरिकी जिला अदालत में शुक्रवार को होनी है।
क्या हैं आरोप?
अभियोग के अनुसार, बेदी 'द एशियन ग्रोसरी स्टोर' नाम की दुकान के मालिक थे। इस दुकान को फरवरी 2024 में सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) के तहत लाभ स्वीकार करने की अनुमति मिली थी। अभियोजकों का आरोप है कि मार्च 2024 से बेदी ने SNAP लाभार्थियों को उनके इलेक्ट्रॉनिक कार्ड पर मौजूद राशि के बदले नकद देना शुरू कर दिया। कथित तौर पर, वह एक डॉलर के लाभ के बदले केवल 50 सेंट नकद देते थे और बाकी रकम खुद रख लेते थे। जांचकर्ताओं का कहना है कि इस तरीके से उन्होंने कम से कम 6 लाख डॉलर ऐसे खाद्य उत्पादों के नाम पर हासिल किए जो कभी बेचे ही नहीं गए। इस कथित धोखाधड़ी का खुलासा जून 2025 में हुआ।
भारत में गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण
एफबीआई के अनुसार, बेदी पर अप्रैल में 'वायर फ्रॉड' के आरोप तय हुए थे, जिसके बाद वह भारत भाग गए। उन्होंने 22 अप्रैल को अदालत में खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन एक हफ्ते के भीतर ही भारत चले गए। 3 सितंबर को उनका नाम एफबीआई की 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में डाला गया, जिसके बाद भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उन्हें सितंबर में हिरासत में ले लिया।
कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी नील फ्लॉयड ने कहा, "हम अदालत से अनुरोध करेंगे कि मुकदमे तक उन्हें हिरासत में रखा जाए, क्योंकि उन्होंने पहले ही भागने की इच्छा और क्षमता दोनों दिखा दी हैं।" वहीं, एफबीआई निदेशक काश पटेल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में बेदी को वापस लाने में मदद के लिए एफबीआई सिएटल और भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियों का धन्यवाद किया। पटेल ने यह भी बताया कि पिछले 20 महीनों में विदेशी एजेंसियों के सहयोग से अमेरिका 260 से अधिक वांछित आरोपियों को वापस लाने में सफल रहा है।
इनपुट: IANS



