रविवार, 11 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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वोटर लिस्ट विवाद: किरेन रिजिजू ने केजरीवाल का पुराना वीडियो शेयर कर विपक्ष पर साधा निशाना

वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक पुराना वीडियो जारी किया है…

वोटर लिस्ट विवाद: किरेन रिजिजू ने केजरीवाल का पुराना वीडियो शेयर कर विपक्ष पर साधा निशाना
(फोटो: IANS)

वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक पुराना वीडियो जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 2015 के इस वीडियो में केजरीवाल खुद दिल्ली की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर सुधार की मांग करते दिख रहे हैं। रिजिजू ने इस वीडियो के जरिए विपक्ष के मौजूदा रुख पर सवाल उठाए हैं।

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यह पूरा मामला उस वक्त और गहरा गया जब रविवार को रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह वीडियो साझा किया। इस कदम को सत्ताधारी भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह विपक्ष के पुराने बयानों का इस्तेमाल कर SIR प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब दे रही है। अपनी पोस्ट में रिजिजू ने लिखा, "कपिल सिब्बल के बाद एक बार फिर केजरीवाल का पुराना वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने एसआईआर (वोटर लिस्ट में सुधार) की मांग की थी। इससे वे और राहुल गांधी खुद ही बेनकाब हो गए हैं।"

2015 में केजरीवाल की क्या मांग थी?

जनवरी 2015 में, दिल्ली विधानसभा चुनावों से ठीक पहले, अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी (आप) ने वोटर लिस्ट में गंभीर खामियों का आरोप लगाया था। उस समय उन्होंने दावा किया था कि लिस्ट में बड़ी संख्या में फर्जी और डुप्लीकेट नाम शामिल हैं। केजरीवाल का आरोप था कि करीब 3.96 लाख से 4 लाख लोगों के पास लगभग 11.5 लाख वोटर कार्ड थे, जिसका मतलब था कि कुछ लोगों के पास दो से चार कार्ड भी थे। 'आप' ने इन गड़बड़ियों के सबूत के तौर पर चुनाव आयोग को संदिग्ध डुप्लीकेट एंट्री वाले डेटा और सीडी भी सौंपे थे। पार्टी ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा और उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में समानताओं पर भी चिंता जताई थी।

विपक्ष का मौजूदा रुख और आरोप

मौजूदा SIR प्रक्रिया को लेकर 'आप' और कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लगातार सरकार और चुनाव आयोग की आलोचना कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने इस प्रक्रिया को 'वोट चोरी' करार देते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है। उनकी मांग है कि पुरानी वोटर लिस्ट को ही बहाल किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या गिरफ्तारी की भी मांग उठाई है। भाजपा का तर्क है कि जो नेता कभी खुद वोटर लिस्ट में सुधार की वकालत करते थे, आज वही इसकी जांच और अपडेशन की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।

कपिल सिब्बल का भी किया था जिक्र

इससे पहले बुधवार को भी किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल के एक पुराने बयान का हवाला दिया था। उन्होंने संसद में दिए गए सिब्बल के भाषण का एक वीडियो साझा करते हुए कहा था कि सिब्बल ने कांग्रेस पार्टी के 'फर्जी वोट चोरी के ड्रामे' का पर्दाफाश कर दिया है। रिजिजू ने तर्क दिया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की एक तय प्रक्रिया है और अगर किसी का नाम गलती से कट जाता है, तो उसके पास दोबारा रजिस्ट्रेशन के लिए चुनाव अधिकारियों से संपर्क करने का विकल्प होता है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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