रूस-यूक्रेन शांति समझौता: यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने रखी यूरोप की शर्तें
यूरोपीय संघ (EU) की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने स्पष्ट किया है कि रूस और यूक्रेन के बीच भविष्य में होने वाले किसी भी शांति समझौते में यूरोप की अपनी शर्तें और हित भी शामिल होंगे। समाचार एजेंसी IANS…
यूरोपीय संघ (EU) की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने स्पष्ट किया है कि रूस और यूक्रेन के बीच भविष्य में होने वाले किसी भी शांति समझौते में यूरोप की अपनी शर्तें और हित भी शामिल होंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कलास ने कहा कि ऐसे किसी भी समझौते में यूरोप से कई मांगें होंगी, जिन्हें बिना कुछ हासिल किए पूरा नहीं किया जाना चाहिए।
यह बयान अमेरिकी वार्ताकारों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के हालिया रूस और यूक्रेन दौरे के बाद आया है। सोमवार को लिथुआनिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान काजा कलास ने कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए अंतिम बातचीत रूस और यूक्रेन को ही करनी होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, “यूरोप की तरफ से यह साफ है कि हम रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थ नहीं बन सकते... हम हमेशा यूक्रेन के पक्ष में रहे हैं, इसलिए इस मामले में हम तटस्थ नहीं हैं।”
शांति वार्ता की पृष्ठभूमि
अमेरिकी दूतों के दौरे से पहले भी संघर्ष को समाप्त करने के लिए कई दौर की बातचीत हो चुकी है। अबू धाबी में 23-24 जनवरी और 4-5 फरवरी को यूक्रेन, अमेरिका और रूस के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बैठकें हुईं। इसके बाद 17-18 फरवरी को जिनेवा में एक और दौर की वार्ता हुई, लेकिन ये त्रिपक्षीय वार्ताएं बाद में स्थगित हो गईं।
इसी क्रम में, पिछले सप्ताहांत रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रेमलिन में अमेरिकी दूत विटकॉफ और कुशनर से तीन घंटे से अधिक लंबी मुलाकात की थी। इसके ठीक बाद रविवार को इन दूतों ने कीव में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी भेंट की।
लिथुआनिया की अध्यक्षता और यूरोपीय प्राथमिकताएं
सोमवार को अपनी लिथुआनिया यात्रा के दौरान, कलास ने राष्ट्रपति गितानास नौसेदा से भी मुलाकात की। इस बैठक में यूरोपीय संघ परिषद की आगामी अध्यक्षता के लिए लिथुआनिया की प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति नौसेदा ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में लिथुआनिया यूरोप की सुरक्षा, रक्षा, यूरोपीय संघ के विस्तार, प्रतिस्पर्धात्मकता और सामाजिक मजबूती जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगा।
इनपुट: IANS



