NTA में बड़े बदलाव: 600 विशेषज्ञ हटाए गए, परीक्षा की सुरक्षा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दिए सख़्त निर्देश
लगातार विवादों में घिरी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। हाल ही में UGC-NET के तीन पेपर रद्द होने के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री…
लगातार विवादों में घिरी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। हाल ही में UGC-NET के तीन पेपर रद्द होने के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को एक समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए सुरक्षा व बुनियादी ढांचा मजबूत करने के सख़्त निर्देश दिए।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक के बाद NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि एजेंसी में कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। इन सुधारों के तहत परीक्षा तैयार करने वाली टीम से 600 विशेषज्ञों को हटा दिया गया है और उनकी जगह नए एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया है।
परीक्षा प्रणाली में क्या सुधार हो रहे हैं?
प्रश्न-पत्रों में भविष्य में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए एक नई चार-स्तरीय जांच प्रणाली लागू की जाएगी। इसके अलावा, एजेंसी की क्षमता बढ़ाने के लिए अगले दो से तीन हफ्तों में 20-25 नए अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि भविष्य में और अधिक लोगों को शामिल करने की योजना पर भी विचार किया गया है। साथ ही, 50 से ज़्यादा स्टाफ सदस्यों को पहले ही हटाया जा चुका है।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर ज़ोर
NTA की गोपनीयता और सुरक्षा को और मज़बूत करने के लिए उसके कार्यालय को जल्द ही एक नई जगह पर शिफ़्ट किया जाएगा। इस नए परिसर की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी CISF टीमों को सौंपी जाएगी। एजेंसी साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्न-पत्र डिजाइन जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र से भी डोमेन विशेषज्ञों की भर्ती कर रही है।
क्यों पड़ी इन बदलावों की ज़रूरत?
यह पूरी कवायद हाल ही में हुई घटनाओं के बाद शुरू हुई है। पहले NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके चलते तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद, UGC-NET की अंग्रेज़ी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की परीक्षाओं के प्रश्न-पत्रों में कई गलतियाँ मिलने के कारण उन्हें रद्द करना पड़ा, जिससे NTA की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। रद्द की गई अंग्रेज़ी और कॉमर्स की परीक्षा अब 9 सितंबर को, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी।
इनपुट: IANS



