बंगाल: कल्याणकारी योजनाओं के नाम पर ₹165 करोड़ की धोखाधड़ी, ED की कोलकाता समेत 8 जगहों पर छापेमारी
पश्चिम बंगाल में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर करीब 20,000 लोगों से कथित तौर पर 165 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केंद्रीय सशस्त्र…
पश्चिम बंगाल में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर करीब 20,000 लोगों से कथित तौर पर 165 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ मिलकर राज्य में आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई वित्तीय भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की एक बड़ी जांच का हिस्सा है।
ईडी की टीमों ने कोलकाता में चार और उत्तर 24 परगना जिले के बंगांव सब-डिवीजन में चार जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब केंद्रीय एजेंसी को इस मामले में एक शिकायत मिली, जिसमें आरोप लगाया गया था कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का फायदा दिलाने का झांसा देकर लोगों से भारी रकम वसूली गई।
मुख्य आरोपी TMC नेता घर पर नहीं मिला
बंगांव में ईडी की एक टीम स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता अभिजीत बिस्वास के घर भी पहुँची, जिन्हें इस मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। हालांकि, मंगलवार सुबह जब अधिकारी वहाँ पहुँचे तो बिस्वास घर पर नहीं थे। उनके परिवार वालों ने जाँच टीम को बताया कि वह ज़्यादातर समय बाहर ही रहते हैं और कभी-कभार ही घर आते हैं। पड़ोसियों ने भी इस बात की पुष्टि की है।
फिलहाल, ईडी के अधिकारियों ने इस तलाशी अभियान को लेकर ज़्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि राज्य में हाल ही में 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026' लागू किया गया है। यह कानून भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने के लिए कड़े प्रावधान करता है और सरकार को भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत आरोपियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार देता है।
इनपुट: IANS



