भूषण स्टील मामला: ED ने प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी की 58 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कीं
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भूषण स्टील लिमिटेड (BSL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ED ने कंपनी के पूर्व प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी रितु सिंघ
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भूषण स्टील लिमिटेड (BSL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ED ने कंपनी के पूर्व प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी रितु सिंघल की 58.34 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्ति जब्त कर ली है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह संपत्ति भूषण स्टील से हुए धन के हेरफेर से जुड़ी है, जिसमें वित्तीय संस्थानों को कुल 11,446.73 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ था।
ED ने अपने एक बयान में बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत यह कुर्की 24 जून, 2024 को की गई। एजेंसी ने यह जांच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) द्वारा भूषण स्टील, नीरज सिंघल और अन्य के खिलाफ दायर एक आपराधिक शिकायत के आधार पर शुरू की थी।
कुर्क की गई संपत्ति का ब्यौरा
प्रवर्तन निदेशालय के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में कई तरह की चल और अचल संपत्तियां शामिल हैं। इनमें मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित भूमि और एक आवासीय संपत्ति का हिस्सा है। इसके अलावा, रितु सिंघल के नाम पर रखे गए इक्विटी शेयर और उनके बैंक खातों में मौजूद रकम (बैंक बैलेंस) को भी कुर्क किया गया है।
जांच में क्या सामने आया?
ED की जांच में यह खुलासा हुआ कि नीरज सिंघल और उनके सहयोगियों ने वैध लेनदेन की आड़ में भूषण स्टील लिमिटेड के फंड का गबन किया। जांचकर्ताओं ने पाया कि हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड से खरीदी गई जस्ता (जिंक) सिल्लियों को अवैध रूप से खुले बाजार में बेच दिया गया, जिससे आरोपियों को नकद भुगतान मिला।
एजेंसी के मुताबिक, इस नकदी का इस्तेमाल विभिन्न पेनी स्टॉक कंपनियों के माध्यम से फर्जी दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) हासिल करने के लिए किया गया। ED ने यह भी कहा कि संबंधित अवधि के दौरान बैंक खातों में बड़ी मात्रा में अघोषित नकदी जमा होने से भी इस हेरफेर की पुष्टि होती है।
मामले में अब तक की कार्रवाई
इस मामले में यह तीसरी बड़ी संपत्ति कुर्की है। इससे पहले, ED ने 8 नवंबर, 2021 को 61.38 करोड़ रुपये और 6 मार्च, 2024 को 367 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। जांच एजेंसी ने इस मामले में नीरज सिंघल, रितु सिंघल और अन्य आरोपियों के खिलाफ 8 अगस्त, 2023 को एक अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) और 7 मार्च, 2024 को एक पूरक अभियोजन शिकायत भी दायर की है, जिसका PMLA कोर्ट संज्ञान ले चुका है।
इनपुट: IANS



