रेलवे रिश्वत मामला: ED ने पूर्व इंजीनियर से जुड़ी 3.5 करोड़ की संपत्ति जब्त की, पटना का फ्लैट भी शामिल
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेलवे में कथित रिश्वतखोरी से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के एक…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेलवे में कथित रिश्वतखोरी से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के एक दिवंगत पूर्व उप मुख्य विद्युत अभियंता से जुड़े मामले में करीब 3.50 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त कर ली है।
ईडी की गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय इकाई द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में पटना का एक आवासीय फ्लैट भी शामिल है, जिसकी कीमत लगभग 3.28 करोड़ रुपये बताई गई है। यह फ्लैट सोनल जैन के नाम पर पंजीकृत है। इसके अलावा, केनरा बैंक में उन्हीं के नाम पर जमा लगभग 21.24 लाख रुपये की सावधि जमा (Fixed Deposit) को भी कुर्क किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू हुई। सीबीआई ने NFR के पूर्व उप मुख्य विद्युत अभियंता (निर्माण) स्वर्गीय रंजीत कुमार बोराह और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं और आईपीसी की धारा 120-बी के तहत मामला दर्ज किया था। आरोप था कि रेलवे के ठेकों के आवंटन और निष्पादन में अनुचित लाभ देने के बदले निजी ठेकेदारों से रिश्वत की मांग की गई और उसे स्वीकार किया गया।
ईडी की जांच में यह बात सामने आई कि बोराह ने कथित तौर पर रेलवे ठेकेदार फर्म मेसर्स सनशाइन के मालिकों चिंतन जैन और नयन चंद्र जैन से रिश्वत ली थी।
रिश्वत के पैसे का कैसे हुआ इस्तेमाल
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इस अपराध से हुई कमाई का इस्तेमाल गुरुग्राम के प्लैटिनम टावर्स में मेसर्स सनशाइन के नाम पर एक फ्लैट खरीदने के लिए किया गया था। इस फ्लैट को बाद में 2024 में करीब 3.5 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।
ईडी के मुताबिक, इस बिक्री से मिली रकम को मेसर्स सनशाइन, चिंतन जैन और उनकी पत्नी सोनल जैन के बैंक खातों के जरिए घुमाया गया। अंततः इसी पैसे का इस्तेमाल पटना में सोनल जैन के नाम पर खरीदे गए फ्लैट के होम लोन को चुकाने और बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करने के लिए किया गया। सीबीआई ने इस मामले में 14 दिसंबर, 2021 को कथित रिश्वत की रकम जब्त की थी और 2022 में चार्जशीट दाखिल की थी। जांच के दौरान ही 6 सितंबर, 2024 को रंजीत कुमार बोराह का निधन हो गया था।
इनपुट: IANS



