DHFL घोटाले की जांच में रिश्वतखोरी: SFIO के डिप्टी डायरेक्टर समेत 3 लोग CBI की गिरफ्त में
भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ₹1 करोड़ की रिश्वत मांगने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के…
भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ₹1 करोड़ की रिश्वत मांगने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत काम करने वाली प्रतिष्ठित जांच एजेंसी, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) के एक डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला डीएचएफएल घोटाले से जुड़ी एक जांच में फायदा पहुंचाने के एवज में रिश्वत मांगने से जुड़ा है।
गिरफ्तार किए गए अधिकारी का नाम हरीश कुमार तंवर है, जो 2017 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं और वर्तमान में चेन्नई में SFIO के डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात थे। उनके साथ एक वकील भरत शर्मा और उनके रिश्तेदार आर्यन शर्मा को भी हिरासत में लिया गया है।
क्या हैं रिश्वतखोरी के आरोप?
सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, इन आरोपियों ने एक शिकायतकर्ता से संपर्क किया था। शिकायतकर्ता से कहा गया कि अगर वह ₹1 करोड़ की रिश्वत देते हैं, तो SFIO द्वारा उनके खिलाफ डीएचएफएल घोटाले में की जा रही जांच में उन्हें फायदा पहुंचाया जाएगा। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले का सत्यापन किया और जाल बिछाया।
एजेंसी ने तीनों आरोपियों को उस समय रंगे हाथों पकड़ा, जब वकील भरत शर्मा, SFIO अधिकारी हरीश कुमार तंवर की ओर से रिश्वत की पहली किश्त के तौर पर ₹20 लाख ले रहे थे। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने सरकारी अधिकारी और वकील के ठिकानों पर तलाशी भी ली, जहां से मामले से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई है।
इनपुट: IANS



