सोमवार, 27 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
देश

छत्तीसगढ़ PSC पेपर लीक: पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी ED की हिरासत में, रिश्तेदारों को फायदा पहुँचाने का आरोप

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने आयोग के पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को मनी…

छत्तीसगढ़ PSC पेपर लीक: पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी ED की हिरासत में, रिश्तेदारों को फायदा पहुँचाने का आरोप
(फोटो: IANS)

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने आयोग के पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोनवानी को 25 जुलाई को गिरफ्तार करने के बाद रायपुर की एक विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 30 जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।

विज्ञापन

यह पूरा मामला साल 2020 और 2021 में आयोजित CGPSC राज्य सेवा परीक्षाओं से जुड़ा है, जिसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। ईडी ने अपनी जांच रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भी अपने हाथ में ले लिया था।

क्या हैं पूर्व चेयरमैन पर आरोप?

ईडी के मुताबिक, तमन सिंह सोनवानी ने CGPSC के चेयरमैन रहते हुए अन्य सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी। आरोप है कि इस साजिश का मुख्य उद्देश्य अवैध लाभ के बदले प्रश्न-पत्र लीक करना और पूरी चयन प्रक्रिया में हेरफेर करना था। जांच एजेंसी का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि उनके अपने रिश्तेदारों और कुछ पसंदीदा उम्मीदवारों का डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस जैसे वरिष्ठ सरकारी पदों पर अवैध तरीके से चयन सुनिश्चित किया जा सके।

नियमों में बदलाव और मनी लॉन्ड्रिंग

जांच में यह भी सामने आया है कि साल 2021 में CGPSC के भर्ती नियमों में एक अहम बदलाव किया गया था। इस बदलाव के तहत 'परिवार' की परिभाषा से 'भतीजे' शब्द को हटा दिया गया, जिससे सोनवानी के रिश्तेदारों के चयन का रास्ता आसान हो गया। ईडी ने पाया कि इस अपराध से हुई कमाई का कुछ हिस्सा नकद में लिया गया, जबकि बाकी रकम को कई परतों वाले बैंकिंग लेनदेन के जरिए घुमाया गया ताकि उसे वैध दिखाया जा सके।

एजेंसी ने बताया कि पूछताछ के दौरान सोनवानी टालमटोल भरे और असहयोगात्मक जवाब दे रहे थे और जरूरी तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रहे थे। ईडी अब उनसे हिरासत में पूछताछ कर अपराध से हुई कमाई, मनी ट्रेल और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →