यमन: शबवा सैन्य अड्डे पर हूती विद्रोहियों का मिसाइल हमला, 53 सैनिकों की मौत, 200 से ज़्यादा घायल
यमन के दक्षिण-पूर्वी प्रांत शबवा में सोमवार को एक सैन्य अड्डे पर हुए घातक मिसाइल हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट…
यमन के दक्षिण-पूर्वी प्रांत शबवा में सोमवार को एक सैन्य अड्डे पर हुए घातक मिसाइल हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है, जिसने यमन में जारी गृहयुद्ध की गंभीरता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
यह हमला शबवा प्रांत की राजधानी अताक के पास जर्दान ज़िले में स्थित अल-अलम सैन्य अड्डे पर हुआ। शबवा की स्थानीय सरकार ने एक बयान में बताया कि विद्रोहियों ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो सीधे अड्डे के भीतर मौजूद अहमद अल-सुलेमानी ट्रेनिंग सेंटर पर गिरीं। इस केंद्र में आंतरिक सुरक्षा बलों के नए रंगरूटों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
घायलों की संख्या और राहत कार्य
स्थानीय सरकार के मुताबिक, हताहतों का आँकड़ा अभी शुरुआती है और इसके बढ़ने की आशंका है। सभी घायलों को शबवा के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल मरीज़ों को बेहतर इलाज के लिए विशेष चिकित्सा केंद्रों में स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। इससे पहले, एक स्थानीय चिकित्सा सूत्र ने न्यूज़ एजेंसी सिन्हुआ को बताया था कि हमले में कम से कम 25 सैनिकों की मौत हुई और 30 से ज़्यादा घायल हुए थे, लेकिन बाद में जारी आधिकारिक आँकड़े कहीं ज़्यादा निकले।
हूती समूह का दावा और प्रशासन की अपील
हूती समूह ने अपने अल-मसीरा टीवी चैनल के ज़रिए हमले की पुष्टि की है। उनके सैन्य सूत्रों ने दावा किया कि उन्होंने अल-अलम सैन्य अड्डे पर सऊदी समर्थित बलों के एक जमावड़े को निशाना बनाया था। समूह ने यमन के नागरिकों से उन सभी सैन्य शिविरों को खाली करने की चेतावनी भी दोहराई है, जहाँ सऊदी अरब कथित तौर पर सेना की तैनाती कर रहा है। वहीं, शबवा के प्रशासन ने यमन सरकार और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन से प्रांत की सुरक्षा के लिए एयर डिफेंस, निगरानी और अर्ली वार्निंग सिस्टम उपलब्ध कराने की तत्काल अपील की है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यमन के कई मोर्चों पर हूती विद्रोहियों और सऊदी गठबंधन समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज़ हो गया है। यमन में गृहयुद्ध 2014 के अंत में शुरू हुआ था, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित देश के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था। इसके बाद 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की मदद के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व में एक गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप किया था।
इनपुट: IANS



