CPI की 'बदलाव जरूरी है' रैली: केंद्र सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई और जन-विरोधी नीतियों का आरोप
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने मंगलवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया, जिसमें केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने मंगलवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया, जिसमें केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 'बदलाव जरूरी है' के नारे के साथ आयोजित इस सभा में पार्टी नेताओं ने देश में बेरोजगारी, महंगाई, और सामाजिक सद्भाव में कमी जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार बदलने की मांग की।
रैली में देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों की भीड़ जुटी। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण समाज के हर वर्ग, विशेषकर मजदूर, किसान, छात्र, युवा और महिलाएं, गंभीर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
सरकार पर लगे गंभीर आरोप
राज्यसभा के पूर्व सदस्य और सीपीआई नेता बिनॉय विश्वम ने सरकार को 'कॉरपोरेट और लुटेरों की सरकार' बताते हुए कहा कि यह देश और भारत के लोगों के लिए नहीं, बल्कि 'ट्रंप और नेतन्याहू के लिए' शासन कर रही है। उन्होंने कहा, "यह अमीरों की सरकार है। सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाली सरकार है। इसलिए हम भाईचारे और एकता वाली सरकार चाहते हैं।"
विश्वम ने देश के सामने खड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा, "रोजगार, भोजन, आवास और शिक्षा नहीं है। 70 साल बीत चुके हैं, लेकिन लोग अभी भी भूखे मर रहे हैं।" उन्होंने परीक्षा प्रणाली को भी पूरी तरह से ध्वस्त और भ्रष्टाचार की चपेट में बताया।
नेताओं ने क्या कहा?
सीपीआई नेता एनी राजा ने केंद्र की भाजपा-नीत सरकार की नीतियों को 'जन-विरोधी' और 'फासीवादी' करार दिया। उन्होंने कहा कि इन्हीं गलत नीतियों के कारण भारतीय समाज का हर वर्ग मुश्किलों से गुजर रहा है। वहीं, पार्टी के राज्यसभा सदस्य पी. संतोष कुमार ने दावा किया कि 'बदलाव जरूरी है' का नारा देश के हर घर और व्यक्ति की जुबान पर है और देशभर के लोगों ने इसे पसंद किया है।
बिनॉय विश्वम ने रैली में जुटे लोगों को 'असली भारतीय' बताते हुए कहा, "उन्होंने भारत को आजाद कराया। उन्होंने संविधान बनाया। अब वे बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनका नारा है 'बदलाव जरूरी है'। देश यही चाहता है।"
इनपुट: IANS



