आंध्र प्रदेश: भोगापुरम एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू, विशाखापट्टनम का दशकों पुराना हवाईअड्डा बंद
आंध्र प्रदेश के विमानन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हो गई है। विजयनगरम जिले में बने नए अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (भोगापुरम) से सोमवार आधी रात के बाद वाणिज्यिक उड़ानें शुरू हो…
आंध्र प्रदेश के विमानन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हो गई है। विजयनगरम जिले में बने नए अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (भोगापुरम) से सोमवार आधी रात के बाद वाणिज्यिक उड़ानें शुरू हो गईं। इसके साथ ही, विशाखापट्टनम के पुराने हवाईअड्डे (आईएनएस डेगा) के सिविल एन्क्लेव से सभी व्यावसायिक उड़ानों का संचालन हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दशकों तक इस क्षेत्र की सेवा करने वाला विशाखापट्टनम एयरपोर्ट अब वाणिज्यिक विमानन के इतिहास का हिस्सा बन गया है।
नागर विमानन मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, 17 अगस्त को रात 12:01 बजे से विशाखापट्टनम की सभी व्यावसायिक उड़ानें करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित भोगापुरम एयरपोर्ट पर स्थानांतरित कर दी गईं। विशाखापट्टनम का अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट कोड 'वीटीजेड' भी अब भोगापुरम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को सौंप दिया गया है।
नए एयरपोर्ट पर पहला दिन
भोगापुरम से पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान स्कूट एयरलाइंस की थी, जो आधी रात के करीब सिंगापुर के लिए रवाना हुई। वहीं, पहली घरेलू उड़ान के रूप में इंडिगो की हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट सुबह 6:45 बजे यहां उतरी। एयरपोर्ट अधिकारियों, जीएमआर प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन ने यात्रियों का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह के रूप में प्रसिद्ध एतिकोप्पाका खिलौने भेंट किए। यहां से पहली घरेलू उड़ान सुबह 7:30 बजे हैदराबाद के लिए रवाना हुई। अधिकारियों के अनुसार, संचालन के पहले दिन कुल 31 उड़ानें संचालित की जाएंगी, जिनसे लगभग 6,000 से 7,000 यात्रियों के सफर करने का अनुमान है।
विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर भावुक विदाई
दूसरी ओर, विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर रविवार रात भावुक माहौल देखने को मिला। कर्मचारियों ने दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई-2018 को विदाई दी, जो इस हवाईअड्डे से उड़ान भरने वाली अंतिम वाणिज्यिक उड़ान थी। रात 10:45 बजे विमान के रवाना होते ही द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बने और 1962 में नागरिक उड़ानों के लिए खोले गए इस एयरपोर्ट का एक लंबा अध्याय समाप्त हो गया। हालांकि, इस बदलाव से करीब 1,000 कर्मचारियों के रोजगार पर असर पड़ा है, जिन्होंने सरकारों से वैकल्पिक रोजगार की मांग की है।
परियोजना और भविष्य की योजनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त को इस हवाईअड्डे का उद्घाटन किया था। यह परियोजना 4,727 करोड़ रुपए की लागत से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत जीएमआर विशाखापट्टनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीवीआईएएल) द्वारा विकसित की गई है। इसे रिकॉर्ड 31 महीनों में पूरा किया गया, जो निर्धारित समय से पांच महीने पहले है।
अत्याधुनिक सुविधाएं: हवाईअड्डे में 3,800 मीटर लंबा रनवे है, जो बोइंग 777 और एयरबस ए340 जैसे बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है। पहले चरण में इसकी क्षमता सालाना 60 लाख यात्रियों की है, जिसे भविष्य में 4 करोड़ तक बढ़ाने की योजना है। 2,703 एकड़ में फैली इस परियोजना में एक एविएशन हब और एविएशन यूनिवर्सिटी बनाने की भी योजना है, जिससे उत्तर आंध्र प्रदेश में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



