कोयंबटूर में स्वच्छता की बड़ी पहल: 824 करोड़ की भूमिगत सीवेज योजना से बदलेगी तीन इलाकों की तस्वीर
कोयंबटूर के तेजी से विकसित हो रहे तीन इलाकों — कलापत्ती, विलानकुरिची और सरवनमपत्ती — में स्वच्छता की स्थिति सुधारने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की गई है। कोयंबटूर नगर निगम (सीसीएमसी) ने इन क्षेत्रों…
कोयंबटूर के तेजी से विकसित हो रहे तीन इलाकों — कलापत्ती, विलानकुरिची और सरवनमपत्ती — में स्वच्छता की स्थिति सुधारने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की गई है। कोयंबटूर नगर निगम (सीसीएमसी) ने इन क्षेत्रों के लिए 824 करोड़ रुपये की लागत से एक भूमिगत जल निकासी नेटवर्क का प्रस्ताव रखा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी के लिए नगर प्रशासन निदेशालय के पास भेज दिया गया है।
यह परियोजना उन क्षेत्रों को कवर करेगी जो मौजूदा सीवर नेटवर्क का हिस्सा नहीं हैं, विशेष रूप से शहर के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन नए और विकासशील क्षेत्रों में अपशिष्ट जल का व्यवस्थित निपटान सुनिश्चित करना है।
परियोजना का दायरा और भविष्य की जरूरतें
इस मेगा ड्रेनेज योजना को भविष्य की आबादी और सीवेज उत्पादन को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। अनुमान है कि प्रस्तावित सेवा क्षेत्र की जनसंख्या 2030 तक 1,30,264, 2045 तक 1,72,132 और 2060 तक 2,24,999 हो जाएगी। इसी के अनुरूप, प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले सीवेज की मात्रा भी 2030 में 13.37 मिलियन लीटर से बढ़कर 2060 तक 23.09 मिलियन लीटर होने का अनुमान है।
नगर निगम आयुक्त कट्टा रवि तेजा ने कहा कि यह योजना उत्तर और पूर्वी क्षेत्रों के उन अधिकांश हिस्सों को कवर करेगी जो मौजूदा भूमिगत जल निकासी परियोजनाओं से छूट गए थे। निगम इस परियोजना के लिए केंद्रीय वित्त आयोग से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की योजना बना रहा है।
तकनीकी विवरण और कार्यान्वयन
इस योजना के तहत लगभग 411 किलोमीटर लंबी सीवर पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 15,777 मैनहोल बनाए जाएंगे। पूरे नेटवर्क में 10 सीवेज पंपिंग स्टेशन और पांच सीवेज लिफ्टिंग स्टेशन भी शामिल होंगे।
नेटवर्क से एकत्र किए गए सीवेज को ओंडीपुदुर में प्रस्तावित उपचार संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। इस संयंत्र की क्षमता 17.66 मिलियन लीटर प्रतिदिन होगी और उपचारित पानी को पास की नोय्याल नदी में छोड़ा जाएगा। इस परियोजना से 33,637 घरों को सीवर कनेक्शन मिलने की उम्मीद है, जिससे वार्ड 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 21, 22 और 23 के निवासियों को सीधा लाभ होगा।
इनपुट: IANS



