पश्चिम बंगाल: TMC सरकार से जुड़े 5 पुलिस अधिकारी सस्पेंड, CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा एक्शन
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़े पांच पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने…
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़े पांच पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शनिवार को विधानसभा में इन अधिकारियों के निलंबन की घोषणा की। निलंबित किए गए अधिकारियों में एक IPS अधिकारी भी शामिल हैं, जिन पर पक्षपातपूर्ण आचरण के आरोप थे।
यह घोषणा छह दिवसीय विस्तारित बजट सत्र के आखिरी दिन की गई। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल (2021 से 2026) के दौरान पुलिस का कई जगहों पर दुरुपयोग किया गया, जिससे सनातन धर्म का पालन करने वालों की भावनाएं आहत हुईं।
निलंबित हुए अधिकारियों की सूची
निलंबित किए गए IPS अधिकारी कोटेश्वर राव हैं, जो दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर पुलिस जिले के पूर्व अधीक्षक थे। उन्हें तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता था।
अन्य चार निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं:
- मोअज्जम हुसैन: पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज, कालियागंज पुलिस स्टेशन, उत्तर दिनाजपुर
- सुबर्ण दत्ता चौधरी: पूर्व ऑफिसर-इन-चार्ज, बरतला पुलिस स्टेशन, कोलकाता पुलिस
- साधन पांडे: पूर्व सब-इंस्पेक्टर, बरतला पुलिस स्टेशन
- अमलेंदु बिस्वास: पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज, कृष्णानगर पुलिस स्टेशन, नादिया जिला
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहला मौका नहीं है जब अधिकारी सरकार ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की है। इसी साल मई में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री ने अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में तीन IPS अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। उन पर कर्तव्य में लापरवाही का आरोप था।
उस मामले में निलंबित अधिकारियों में तत्कालीन कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल, तत्कालीन पुलिस उपायुक्त (उत्तरी प्रभाग) अभिषेक गुप्ता और तत्कालीन पुलिस उपायुक्त (मध्य प्रभाग) इंदिरा मुखर्जी शामिल थे। उनके निलंबन की अवधि हाल ही में 120 दिनों के लिए बढ़ाई गई थी। इस बीच मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनके प्रशासन में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इनपुट: IANS



