आंध्र प्रदेश: मुख्यमंत्री के साथ मंच पर दिखी छात्रा ने की आत्महत्या, नायडू ने जताया शोक
आंध्र प्रदेश की एक प्रतिभाशाली छात्रा की आत्महत्या की खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया है। यह वही 10वीं कक्षा की छात्रा है, जिसने कुछ ही दिन पहले एक सरकारी स्कूल के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू…
आंध्र प्रदेश की एक प्रतिभाशाली छात्रा की आत्महत्या की खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया है। यह वही 10वीं कक्षा की छात्रा है, जिसने कुछ ही दिन पहले एक सरकारी स्कूल के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच साझा किया था और अपनी महत्वाकांक्षाओं के बारे में उत्साह से बात की थी। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, मुर्रम शिवानी नाम की इस छात्रा ने सोमवार को पोलावरम जिले के इर्लापल्ली गांव में अपनी दादी के घर पर अपनी जान दे दी।
पुलिस को मौके से एक हाथ से लिखा सुसाइड नोट मिला है, जिसमें शिवानी ने अपने माता-पिता के सपने पूरे न कर पाने के लिए उनसे माफी मांगी है। हालांकि, इस आत्मघाती कदम के पीछे के असल कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिवानी अपने माता-पिता से दूर दादी के साथ रहती थी, जबकि उसके माता-पिता कोरुकोंडा के एक होटल में काम करते हैं।
भाषण के बाद मुख्यमंत्री ने की थी सराहना
महज कुछ दिन पहले, 24 जुलाई को, शिवानी ने रामपाचोडावरम के जिला परिषद हाई स्कूल में आयोजित 'मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग 4.0' में अपने भाषण से सभी का ध्यान खींचा था। पढ़ाई में होनहार मानी जाने वाली शिवानी ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की मौजूदगी में कहा था कि वह कड़ी मेहनत करके अगले साल 'शाइनिंग स्टार अवॉर्ड' जीतना चाहती है।
उसके भाषण से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री नायडू ने उसे अपने पास बुलाकर बिठाया था और उससे बातचीत भी की थी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया था और बच्चों के साथ दोपहर का भोजन भी किया था।
मुख्यमंत्री ने दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए
इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को शिवानी की मौत की गहन जांच करने का आदेश दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "यह दुखद है कि रामपाचोडावरम में मेगा पेरेंट-टीचर मीटिंग के दौरान मंच पर इतने उत्साह के साथ बोलने वाली शिवानी ने अपनी जान दे दी। मुझे उस दिन अपनी पढ़ाई और अपनी बड़ी महत्वाकांक्षाओं के बारे में मुझसे कही गई उसकी बातें याद हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "इतने उज्ज्वल भविष्य वाली आदिवासी लड़की का इस तरह से जान गंवाना दिल तोड़ने वाला है। चाहे कारण कुछ भी हों, यह बात मुझे बहुत परेशान करती है कि वह अपने सपने पूरे करने से पहले ही चली गई।" मुख्यमंत्री ने छात्रों से चुनौतियों का मजबूती से सामना करने और दबाव में न झुकने की अपील भी की।
इनपुट: IANS



