भारतीय मूल की प्रमिला जयपाल ने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में लगातार छठी बार जीती अपनी सीट
भारतीय मूल की डेमोक्रेट नेता प्रमिला जयपाल ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपनी सीट बरकरार रखते हुए लगातार छठी बार जीत हासिल की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वाशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल जिले…
भारतीय मूल की डेमोक्रेट नेता प्रमिला जयपाल ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपनी सीट बरकरार रखते हुए लगातार छठी बार जीत हासिल की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वाशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल जिले से चुनाव लड़ रहीं जयपाल ने अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी नीरव शेठ को एकतरफा मुकाबले में हराया। यह जीत उन्हें एक बार फिर उस सदन में ले जाएगी, जिस पर अब डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण होगा।
प्रमिला जयपाल की जीत का अंतर काफी बड़ा रहा। विजेता घोषित होने तक गिने गए करीब 54 प्रतिशत मतों में से उन्हें लगभग 88 प्रतिशत वोट मिले, जबकि नीरव शेठ के हिस्से में करीब 12 प्रतिशत वोट ही आए।
प्रवासियों के अधिकारों की मुखर समर्थक
प्रमिला जयपाल की एक विशिष्ट पहचान यह भी है कि वह अमेरिकी कांग्रेस की एकमात्र ऐसी सदस्य हैं, जो कभी स्टूडेंट वीजा और एच-1बी वर्क वीजा, दोनों पर अमेरिका में रही हैं। उन्होंने अक्सर अपने प्रवासी जीवन के अनुभवों का उल्लेख करते हुए पूर्व ट्रंप प्रशासन की कानूनी आव्रजन को सीमित करने वाली नीतियों का कड़ा विरोध किया है। इसमें एच-1बी वीजा शुल्क को एक लाख डॉलर तक बढ़ाने जैसे प्रस्तावों की आलोचना भी शामिल है।
दिसंबर 2025 में एक संसदीय सुनवाई के दौरान उन्होंने प्रशासन पर कानूनी आव्रजन के रास्ते बंद करने और भेदभावपूर्ण नीतियों को अपनाने का आरोप लगाया था।
भारत से गहरा नाता
भारत में जन्मीं प्रमिला जयपाल का बचपन भारत, इंडोनेशिया और सिंगापुर में बीता। वह 16 साल की उम्र में उच्च शिक्षा के लिए अकेले अमेरिका आई थीं। उन्होंने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी और फिर नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की। साल 2023 के एक बयान में उन्होंने भारत को 'मेरा जन्मस्थान, जहां मेरे माता-पिता आज भी रहते हैं' बताया था और कहा था कि वह लगभग तीन दशक तक भारत की नागरिक रहीं।
जयपाल ने भारतीय उत्पादों पर लगे टैरिफ की भी आलोचना की थी, यह कहते हुए कि इससे भारत की अर्थव्यवस्था और अमेरिकी कारोबारियों को नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा था, "यह हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है।"
सदन में भूमिका और रिकॉर्ड
जयपाल प्रतिनिधि सभा में कई महत्वपूर्ण पदों पर हैं, जिनमें न्यायिक समिति की आव्रजन उपसमिति की वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य का पद भी शामिल है। रिकॉर्ड बताते हैं कि जनवरी 2025 से सितंबर 2026 के बीच उन्होंने लगभग 96% मामलों में अपनी पार्टी के पक्ष में मतदान किया। वह कांग्रेसनल प्रोग्रेसिव कॉकस की पूर्व अध्यक्ष हैं और वर्तमान में इसकी मानद अध्यक्ष हैं। उनकी वेबसाइट के मुताबिक, वह 'मेडिकेयर फॉर ऑल एक्ट' की प्रमुख प्रायोजक हैं।
इनपुट: IANS



