गुरूवार, 15 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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भारत में ChatGPT अब दिखाएगा विज्ञापन, जानिए फ्री यूजर्स पर क्या होगा असर और डेटा कितना रहेगा सुरक्षित

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ChatGPT का इस्तेमाल करने वाले लाखों फ्री यूजर्स को अब इसके जवाबों के साथ विज्ञापन भी दिखाई देंगे। अमेरिकी कंपनी OpenAI ने अपने इस लोकप्रिय चैटबॉट से कमाई…

भारत में ChatGPT अब दिखाएगा विज्ञापन, जानिए फ्री यूजर्स पर क्या होगा असर और डेटा कितना रहेगा सुरक्षित
(फोटो: IANS)

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ChatGPT का इस्तेमाल करने वाले लाखों फ्री यूजर्स को अब इसके जवाबों के साथ विज्ञापन भी दिखाई देंगे। अमेरिकी कंपनी OpenAI ने अपने इस लोकप्रिय चैटबॉट से कमाई बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत में 'चैटजीपीटी ऐड' सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह विस्तार कंपनी के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) से पहले राजस्व बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।

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भारत OpenAI के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। इस महीने की शुरुआत में चैटजीपीटी के वैश्विक साप्ताहिक यूजर्स की संख्या 1 अरब के पार पहुंच गई थी, जिसमें भारत दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। यहां छात्रों से लेकर पेशेवरों तक 10 करोड़ से ज्यादा साप्ताहिक यूजर्स हैं।

कौन से यूजर्स देखेंगे विज्ञापन?

यह नई विज्ञापन प्रणाली फिलहाल फ्री और 'गो' टियर के वयस्क यूजर्स के लिए लागू की जाएगी। भारत में चैटजीपीटी के 'गो' टियर प्लान की मासिक कीमत 399 रुपए है। कंपनी ने साफ किया है कि प्लस, प्रो, बिजनेस, एंटरप्राइज और एजुकेशन जैसे उच्च भुगतान वाले सब्सक्रिप्शन प्लान्स पहले की तरह पूरी तरह विज्ञापन-मुक्त रहेंगे। विज्ञापनों में दिखाए जाने वाले प्रायोजित उत्पाद या सेवाएं चैटजीपीटी के दिए गए जवाबों के ठीक नीचे दिखाई देंगी और उन्हें स्पष्ट रूप से लेबल किया जाएगा ताकि वे मूल जवाब से अलग दिखें।

क्या यूजर्स का डेटा सुरक्षित है?

OpenAI ने यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर आश्वस्त किया है। कंपनी ने कहा है कि यूजर्स की चैट, चैट हिस्ट्री, मेमोरी या किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी विज्ञापनदाताओं के साथ साझा नहीं की जाएगी। कंपनी के अनुसार, वह यूजर्स का डेटा विज्ञापनदाताओं को नहीं बेचती है। विज्ञापनदाताओं को केवल कैंपेन के प्रदर्शन से जुड़ी सामूहिक जानकारी मिलेगी, जैसे कि विज्ञापन कितनी बार देखा गया और उस पर कितने क्लिक हुए।

विज्ञापन दिखाने की शर्तें और ब्रांड्स के लिए मौके

कंपनी कुछ खास स्थितियों में विज्ञापन नहीं दिखाएगी। जिन अकाउंट्स में यूजर की उम्र 18 साल से कम दर्ज है या कंपनी को लगता है कि यूजर नाबालिग है, उन्हें विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। इसके अलावा, स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य या राजनीति जैसे संवेदनशील विषयों से जुड़े जवाबों के साथ भी विज्ञापन नहीं दिखेंगे।

इस सप्ताह 50 से अधिक ब्रांड्स के विज्ञापन लाइव होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, OpenAI भारत में 4 सितंबर से 'चैटजीपीटी ऐड मैनेजर' की सेल्फ-सर्विस सुविधा भी शुरू करने जा रही है। इसके तहत ब्रांड 725 रुपए प्रतिदिन के न्यूनतम बजट के साथ अपने विज्ञापन अभियान चला सकेंगे।

इनपुट: IANS

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News4Social टेक डेस्क

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