पलानी मंदिर भूमि घोटाला: 100 करोड़ की ज़मीन के फर्जी हस्तांतरण मामले में चार गिरफ्तार
तमिलनाडु के प्रसिद्ध पलानी मंदिर से जुड़ी लगभग 100 करोड़ रुपये की ज़मीन के धोखाधड़ी से हस्तांतरण के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह…
तमिलनाडु के प्रसिद्ध पलानी मंदिर से जुड़ी लगभग 100 करोड़ रुपये की ज़मीन के धोखाधड़ी से हस्तांतरण के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य की क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CBCID) ने की है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान वेल्लाथुराई, अनवरदीन, मुरुगादॉस और सेतुपति के रूप में हुई है।
यह पूरा मामला डिंडीगुल जिले में स्थित पलानी मंदिर की तलहटी में पार्क रोड पर दंडपाणि स्वामी मठ की बेशकीमती ज़मीन से जुड़ा है। आरोप है कि अदालत के मौजूदा आदेशों का उल्लंघन करते हुए, जाली दस्तावेज़ों के आधार पर इस ज़मीन का मालिकाना हक निजी व्यक्तियों के नाम कर दिया गया था। एक शिकायत मिलने के बाद जब इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ, तो सीबीसीआईडी ने विस्तृत जांच शुरू की।
जांच का दायरा और अब तक की कार्रवाई
जांच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि क्या मंदिर की संपत्ति के इस अवैध हस्तांतरण में सरकारी अधिकारियों ने भी मदद की थी या जानबूझकर इसे नज़रअंदाज़ किया। इस सिलसिले में अब तक 82 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। IANS के मुताबिक, इनमें अदालती मामले से जुड़े पक्षकार, दस्तावेज़ पंजीकरण अधिकारी, ज़मीन के विक्रेता, लेन-देन से लाभान्वित होने वाले, गवाह, दलाल और क्लर्क शामिल हैं।
सीबीसीआईडी के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने कथित साजिश और ज़मीन के मालिकाना हक के हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेज़ी और मौखिक सबूत इकट्ठा किए हैं। जांच के दौरान पुख्ता सबूत मिलने के बाद बुधवार को इन चार मुख्य आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
कई और लोगों की भूमिका की जांच
एजेंसी ने अपनी जांच के दायरे में कई लोगों को रखा है। इनमें सब-रजिस्ट्रार जस्टिन मणिकंदन, मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मुरुगाडोस, तिरुप्पुर के पप्पनकुलम निवासी वेल्लाथुरई, पलानी के सेतुपति के अलावा मंदिर प्रशासन, राजस्व विभाग और पंजीकरण विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। सीबीसीआईडी ने कहा है कि जांच अभी जारी है और इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
इनपुट: IANS



