बुधवार, 1 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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कानपुर-कबराई के बीच बनेगा नया ग्रीनफील्ड हाईवे, यात्रा का समय आधे से भी कम हो जाएगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने उत्तर प्रदेश में एक बड़ी राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह परियोजना कानपु

कानपुर-कबराई के बीच बनेगा नया ग्रीनफील्ड हाईवे, यात्रा का समय आधे से भी कम हो जाएगा
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने उत्तर प्रदेश में एक बड़ी राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह परियोजना कानपुर और कबराई के बीच 117.7 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण से संबंधित है, जिस पर कुल 7,145.14 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

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बुधवार को लिए गए इस निर्णय से भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा होगा। यह नया राजमार्ग चार लेन का होगा, जिसे भविष्य में छह लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इस परियोजना का क्रियान्वयन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बीओटी (टोल) मोड पर किया जाएगा।

सफर होगा आसान, घटेगा समय

इस आधुनिक कॉरिडोर के बन जाने से कानपुर और कबराई के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। वर्तमान में लगने वाले 3.5 घंटे के बजाय यह दूरी महज 1.5 घंटे में तय की जा सकेगी, जो कि 58 प्रतिशत की बचत है। 80-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया यह राजमार्ग न केवल सफर को तेज करेगा, बल्कि सड़क सुरक्षा में सुधार के साथ वाहनों के परिचालन खर्च को भी घटाएगा।

आर्थिक और औद्योगिक कनेक्टिविटी

कैबिनेट द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह परियोजना उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्रों को मध्य प्रदेश के खनिज-समृद्ध और कृषि क्षेत्रों से जोड़ेगी। इससे सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। यह कॉरिडोर कबराई के खनन क्षेत्र से संपर्क को मजबूत करेगा, जिससे खनिजों, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की ढुलाई में आसानी होगी, जो क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देगा।

रोजगार और विकास को बढ़ावा

यह परियोजना पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप है, जिससे 16 आर्थिक नोड, 9 सामाजिक नोड और 10 लॉजिस्टिक नोड की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। निर्माण के दौरान इससे प्रति लेन प्रति किलोमीटर लगभग 11,188 प्रत्यक्ष और 13,985 अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, इस परियोजना से लगभग 1.2 करोड़ मानव-दिवस का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा। वित्त वर्ष 2028 तक इस मार्ग पर वाहनों का औसत दैनिक यातायात 18,069 यात्री कार इकाइयों (पीसीयू) तक पहुंचने का अनुमान है, जो इसके दीर्घकालिक महत्व को दर्शाता है।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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