महाराष्ट्र में बारिश से बिगड़े हालात, अस्पताल से ही एक्शन में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र में पिछले चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे मुंबई, कोंकण और रायगढ़ समेत कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस गंभीर स्थिति के बीच, राज्य के उपमुख्यमंत्र
महाराष्ट्र में पिछले चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे मुंबई, कोंकण और रायगढ़ समेत कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस गंभीर स्थिति के बीच, राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बीमारी के बावजूद अस्पताल से ही राहत और बचाव कार्यों की कमान संभाले हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शिंदे ने सोमवार को सलाइन चढ़ते हुए ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की और अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री शिंदे पिछले तीन दिनों से थकान और गले में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। अधिकारियों ने उनकी हालत स्थिर और सुधार की दिशा में बताई है। हाल ही में उनकी एक तस्वीर भी सामने आई थी, जिसमें वे दोनों हाथों में आईवी लाइन लगे होने के बावजूद राज्य के कामकाज की समीक्षा करते दिखे।
क्षेत्रवार स्थिति और मंत्रियों को निर्देश
बारिश से सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों में कोंकण और रायगढ़ शामिल हैं, जहाँ नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए शिंदे ने रायगढ़ और रत्नागिरी के मंत्रियों भरत गोगावले, योगेश कदम और उदय सामंत को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्हें महाड समेत पूरे रायगढ़ के जलमग्न इलाकों पर कड़ी नज़र रखने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम सौंपा गया है। नागोठाने में भूस्खलन की सूचना मिलते ही, मंत्री भरत गोगावले उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर तुरंत रायगढ़ के लिए रवाना हो गए, जहाँ वे राहत कार्यों का जायजा लेंगे।
मुंबई के लिए खास हिदायतें
मुंबई के प्रभारी मंत्री होने के नाते, शिंदे ने अस्पताल से ही बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े के साथ एक वर्चुअल बैठक की। उन्होंने मुंबई में मानसून से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी निगम अधिकारियों को फील्ड पर सक्रिय रहने का आदेश दिया। शहर में पेड़ गिरने की हालिया घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने खतरनाक पेड़ों को तत्काल हटाने को कहा। इसके अलावा, खुले मैनहोल सुरक्षित करने और भूस्खलन की आशंका वाले सभी इलाकों का ऑडिट करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं को भी मोर्चे पर लगाया
डिप्टी सीएम शिंदे ने शिवसेना के कार्यकर्ताओं, सांसदों और विधायकों को भी जमीनी स्तर पर नागरिकों की मदद करने के लिए सक्रिय किया है। उन्होंने अधिकारियों और नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे प्रभावित इलाकों का दौरा करें, लोगों की समस्याएं सुनें और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर तत्काल राहत पहुँचाना सुनिश्चित करें।
इनपुट: IANS



