कर्नाटक: वाल्मीकि निगम मामले पर BJP की पदयात्रा आज से शुरू, कांग्रेस सरकार पर बढ़ा दबाव
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ आज से 10 दिवसीय पदयात्रा शुरू कर रही है। यह विरोध प्रदर्शन वाल्मीकि निगम में हुए कथित घोटाले और पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र से…
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ आज से 10 दिवसीय पदयात्रा शुरू कर रही है। यह विरोध प्रदर्शन वाल्मीकि निगम में हुए कथित घोटाले और पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र से जुड़े मामले को लेकर किया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पदयात्रा 10 सितंबर तक चलेगी और कुल 9 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
भाजपा नेता और पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु ने शनिवार को बेंगलुरु में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में इस पदयात्रा के लोगो का अनावरण करते हुए इसकी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह यात्रा लिंगसुगुर में एक बड़ी जनसभा के साथ शुरू होगी और बल्लारी में इसका समापन किया जाएगा।
कौन-कौन नेता होंगे शामिल?
इस पदयात्रा के उद्घाटन कार्यक्रम में कई बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाड़ी नारायणस्वामी प्रमुख हैं। यह यात्रा लिंगसुगुर, मास्की, सिंधनूर, करातगी, गंगावती, कम्पली, संदूर, बल्लारी ग्रामीण और बल्लारी शहर जैसे विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी।
सरकार पर लगे गंभीर आरोप
बी. श्रीरामुलु ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि निगम से 87 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए और इस फंड का दुरुपयोग लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा को हराने के लिए विभिन्न जिलों में किया गया। श्रीरामुलु ने यह भी कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने खुद माना था कि वाल्मीकि निगम में गड़बड़ियां हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के दबाव के कारण ही मुख्यमंत्री ने तय किया कि बी. नागेंद्र को इस्तीफा देना होगा। श्रीरामुलु ने आदिवासी कल्याण निगम के अधिकारी चंद्रशेखर की मौत का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी ने इस मामले में धमकी और उत्पीड़न के बाद आत्महत्या की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे के लिए सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह लड़ाई लड़ी है।
इनपुट: IANS



