गुरूवार, 2 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
अपराध

बेंगलुरु पत्थर खदान हादसा: ऊपर से गिरा बोल्डर, 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत

बेंगलुरु के पास एक पत्थर खदान में काम कर रहे सात प्रवासी मजदूरों की एक विशालकाय बोल्डर (बड़ा पत्थर) के नीचे दबने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा गुरुवार सुबह तब हुआ जब ऊपर स्थित एक दूसरी खदान से जेसीबी

बेंगलुरु पत्थर खदान हादसा: ऊपर से गिरा बोल्डर, 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत
(फोटो: IANS)

बेंगलुरु के पास एक पत्थर खदान में काम कर रहे सात प्रवासी मजदूरों की एक विशालकाय बोल्डर (बड़ा पत्थर) के नीचे दबने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा गुरुवार सुबह तब हुआ जब ऊपर स्थित एक दूसरी खदान से जेसीबी मशीन ने पत्थर को नीचे धकेल दिया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना बेंगलुरु दक्षिण के मडापटना गांव स्थित कावेरी क्रशर यूनिट में हुई।

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सेंट्रल ज़ोन के आईजीपी एस. गिरीश ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि दोनों खदानें अलग-अलग मालिकों की हैं और ऊपर वाली खदान में चल रहे काम के दौरान यह हादसा हुआ। हादसे के वक्त नीचे वाली खदान में कुल 16 मजदूर मौजूद थे। इनमें से सात की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। पांच घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

लापरवाही और चेतावनी की कमी

हादसे में बाल-बाल बचे तमिलनाडु के एक मजदूर गोपी ने आरोप लगाया कि ऊपर काम कर रहे लोगों ने उन्हें कोई चेतावनी नहीं दी। उन्होंने कहा, "ऊपर वाले हमेशा हमें पहले सूचना देते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। अगर पहले से बताया गया होता तो हमें खतरे का पता चल जाता।" पत्थर इतनी तेज़ी से गिरा कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और ट्रैक्टर-जेसीबी जैसी भारी मशीनें भी चकनाचूर हो गईं। पुलिस के अनुसार, शव इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया।

पीड़ितों की पहचान और सरकारी प्रतिक्रिया

पुलिस ने मृतकों की पहचान रामू, राजपाल सिंह, सत्यानारायण सिंह, राम अवतार सिंह, राजेंद्र प्रसाद, नुहार और भुवनेश्वर सिंह के रूप में की है, जिनकी उम्र 30 से 40 साल के बीच थी। ये मजदूर मध्य प्रदेश और उत्तर कर्नाटक के यादगिर जिले के रहने वाले थे, जबकि घायलों में एक छत्तीसगढ़ का है।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि यह एक दुखद हादसा है और कोई ब्लास्टिंग नहीं हुई थी। उन्होंने बताया, "मुझे जानकारी मिली है कि सात लोगों की मौत हुई है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं और मुझे दोपहर तक पूरी रिपोर्ट मिल जाएगी।" मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि खदानों की वैधता की जांच की जाएगी और रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई के साथ-साथ मुआवजे का भी ऐलान किया जाएगा। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने पर जोर दिया।

इनपुट: IANS

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