पश्चिम बंगाल विधानसभा: बजट सत्र के अंतिम दिन CAG रिपोर्ट पर हंगामे के आसार, कई अहम कार्यवाहियाँ तय
पश्चिम बंगाल विधानसभा के विस्तारित बजट सत्र का शनिवार को आखिरी दिन है और इस दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम होने की उम्मीद है। सबसे ज्यादा नजरें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पेश किए…
पश्चिम बंगाल विधानसभा के विस्तारित बजट सत्र का शनिवार को आखिरी दिन है और इस दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम होने की उम्मीद है। सबसे ज्यादा नजरें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पेश किए जाने पर टिकी हैं, जिससे राज्य में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बड़े खुलासे हो सकते हैं।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सदन के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इसी सप्ताह कहा था कि यह रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने संकेत दिया कि प्राकृतिक आपदाओं में राहत वितरण समेत विभिन्न क्षेत्रों में हुए वित्तीय भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कैग रिपोर्ट से हो सकता है।
सीएजी रिपोर्ट और भ्रष्टाचार के आरोप
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा है कि रिपोर्ट सामने आने के बाद किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह मुख्यमंत्री हों, मंत्री हों या कोई और बड़ा नेता। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मंजूरी के लिए राज्यपाल से सिफारिश करेगी। गौरतलब है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल में विधानसभा में कैग रिपोर्ट पेश करना एक दुर्लभ घटना रही है।
मुख्यमंत्री का बयान और अन्य कार्यवाही
दिन की एक अन्य महत्वपूर्ण कार्यवाही में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सदन में एक बयान देंगी। यह बयान तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर में चलाए जा रहे मुफ्त सेवा आश्रय स्वास्थ्य शिविर से जुड़े आरोपों की जांच पर केंद्रित होगा। इस मामले में पहले ही कई पुलिस शिकायतें और दो FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें कुप्रबंधन, चिकित्सा उपकरणों के गलत इस्तेमाल और गलत इलाज से मरीजों को हुई परेशानी के आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा, दिन के दूसरे सत्र में राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष अपने विभाग से संबंधित एक अहम विधेयक पेश करेंगे, जिस पर दो घंटे की चर्चा निर्धारित है। यह छह दिवसीय विस्तारित बजट सत्र विशेष रूप से विभिन्न सरकारी विभागों के लिए बजटीय आवंटन पर चर्चा के लिए बुलाया गया था। बता दें कि 22 जुलाई को राज्य के गृह विभाग के बजट पर चर्चा हुई थी, जो 14 साल के अंतराल के बाद 2012 के बाद पहली बार हुई।
इनपुट: IANS



