बलूचिस्तान में 10 दिन में 23 हमले, 16 सुरक्षाकर्मियों की मौत का BLA ने किया दावा
बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने जून के आखिरी 10 दिनों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर 23 हमले करने का दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन का
बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने जून के आखिरी 10 दिनों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर 23 हमले करने का दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन का कहना है कि 21 से 30 जून के बीच किए गए इन हमलों में 16 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए।
BLA के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि इन अभियानों में सुरक्षा बलों के अलावा बुनियादी ढांचे और उन वाहनों को भी निशाना बनाया गया जो कथित तौर पर "दमनकारी परियोजनाओं" से जुड़े थे। संगठन ने यह भी दावा किया कि उसने "आर्थिक नाकेबंदी" की रणनीति के तहत कुछ मार्गों को अवरुद्ध कर वाणिज्यिक वाहनों को भी निशाना बनाया।
हमलों और मुठभेड़ों का ब्योरा
BLA ने अपने बयान में कई घटनाओं का सिलसिलेवार जिक्र किया है। संगठन के अनुसार, 23 जून को उसके लड़ाकों ने खारान जिले के सरावान, नौरोज कलात और जारोजई इलाकों में दो दिनों तक नियंत्रण बनाए रखा और दो पुलों को उड़ा दिया। इसी दौरान अलग-अलग हमलों और स्नाइपर फायरिंग में सात पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया।
बयान के मुताबिक, 26 जून को जेहरी के बलबल इलाके में एक भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें छह सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई घायल हुए। इस मुठभेड़ में BLA ने अपने दो सदस्यों के मारे जाने की बात भी स्वीकार की है। इसके अलावा, 28 जून को मस्तुंग के कामबेला इलाके में हुई एक और मुठभेड़ में दो सुरक्षाकर्मियों और संगठन के दो लड़ाकों की मौत का दावा किया गया।
बुनियादी ढांचे और वाहनों पर हमले
संगठन ने दावा किया कि 25 जून को मस्तुंग और नुश्की में सड़कें रोककर सात मालवाहक वाहनों को जब्त किया गया और दस अन्य को आग लगा दी गई। 27 जून को क्वेटा के मियां घुंडी इलाके में एक पुलिस वाहन को रिमोट-कंट्रोल विस्फोटक (आईईडी) से निशाना बनाया गया, जिसमें चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके अतिरिक्त, केच में एक सैन्य गश्ती दल पर भी आईईडी हमले का दावा किया गया।
बीएलए ने खुजदार, बेसिमा, खारान और तुर्बत जैसे इलाकों में भी सैन्य चौकियों, निगरानी उपकरणों और निर्माण कंपनी के कैंपों पर हमले करने की बात कही है। संगठन ने अपने बयान के अंत में कहा कि वह "बलूचिस्तान की स्वतंत्रता" तक सशस्त्र कार्रवाई जारी रखेगा और राज्य समर्थित विकास व संसाधन निष्कर्षण परियोजनाओं का विरोध करता रहेगा।
इनपुट: IANS



