श्रीभूमि में रात भर चले ऑपरेशन में 10.8 करोड़ की ड्रग्स बरामद, असम पुलिस की बड़ी कामयाबी
असम के श्रीभूमि जिले में गुरुवार की रात चलाए गए एक विशेष पुलिस अभियान में लगभग 10.8 करोड़ रुपए मूल्य की मादक पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ी गई है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तस
असम के श्रीभूमि जिले में गुरुवार की रात चलाए गए एक विशेष पुलिस अभियान में लगभग 10.8 करोड़ रुपए मूल्य की मादक पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ी गई है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तस्करी नेटवर्क से जुड़े शेष संदिग्धों की तलाश में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए श्रीभूमि पुलिस को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "असम पुलिस से पंगा लेने पर 10.8 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना देना पड़ता है।" मुख्यमंत्री द्वारा पोस्ट की गई तस्वीरों में जब्त किए गए संदिग्ध गांजे के दर्जनों पैकेट ढेर लगे दिखाई दे रहे हैं, जिनके पास पुलिसकर्मी और चश्मदीद मौजूद हैं।
जांच का दायरा: अंतरराज्यीय और सीमा पार कनेक्शन की तलाश
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस खेप के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने के साथ-साथ इस रैकेट के अंतरराज्यीय और सीमा पार संपर्कों को उजागर करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
गोल्डन ट्रायंगल का 'गेटवे' बनने से बचाने की कोशिश
राज्य सरकार के अनुसार, असम की भौगोलिक स्थिति इसे मादक पदार्थों की तस्करी के लिहाज़ से संवेदनशील बनाती है। असम बांग्लादेश और भूटान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है और पूर्वोत्तर राज्यों का प्रवेश द्वार भी है — यही कारण है कि यह कुख्यात गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र से आने वाले मादक पदार्थों के तस्करी मार्गों के लिए एक अहम कड़ी बन जाता है।
पिछले कुछ वर्षों में राज्य में नशे के खिलाफ अभियान काफी तेज़ हुआ है। लगातार चलाए गए ऑपरेशनों में भारी मात्रा में हेरोइन, मेथम्फेटामाइन की गोलियाँ, गांजा और अन्य प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं। इन अभियानों में सैकड़ों तस्कर भी गिरफ्तार हुए हैं।
जीरो टोलरेंस की नीति पर अडिग सरकार
राज्य सरकार ने नशीले पदार्थों से निपटने के लिए जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई है, जिसमें सख्त कानूनी कार्रवाई, खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन, अंतर-एजेंसी समन्वय, जागरूकता अभियान और पुनर्वास पहलें शामिल हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने कई बार स्पष्ट किया है कि जब तक राज्य से इस खतरे को जड़ से समाप्त नहीं किया जाता, तब तक तस्करी गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई बिना रुके जारी रहेगी।
इनपुट: IANS



