असम में बाढ़: मृतकों के परिजनों को अब मिलेंगे 9 लाख, प्रभावित परिवारों को भी तत्काल राहत का ऐलान
असम में इस मौसम की विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार ने एक बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को बाढ़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति…
असम में इस मौसम की विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार ने एक बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को बाढ़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को दी जाने वाली कुल मुआवज़ा राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपये करने का ऐलान किया। साथ ही, सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों के हर परिवार को 15,000 रुपये की तत्काल अंतरिम मदद दी जाएगी।
समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह आर्थिक सहायता बाढ़ पीड़ितों के संकट को कम करने का एक प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले से तय 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। इस तरह, प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को कुल 9 लाख रुपये मिलेंगे।
तत्काल राहत और उसका दायरा
बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सबसे बुरी तरह प्रभावित ज़िलों में हर बाढ़-पीड़ित परिवार को 15,000 रुपये की एकमुश्त अंतरिम राहत मिलेगी। यह राशि उनकी तत्काल ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करेगी।
इस योजना की एक खास बात यह है कि इसका लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र परिवारों को मिलेगा। इसमें सरकारी कर्मचारी, मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा), और मिड-डे मील वर्कर जैसे लाभार्थी भी शामिल हैं, जिन्हें अक्सर कुछ मुआवज़ा योजनाओं के दायरे से बाहर रखा जाता है।
संकट की घड़ी में सरकार का साथ
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "अपनों को खोने का दुख किसी भी आर्थिक मदद से कम नहीं किया जा सकता। फिर भी, बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए, मारे गए हर व्यक्ति के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपए की अतिरिक्त मदद दी जाएगी।"
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब असम भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है, जिससे कई ज़िलों में हज़ारों परिवार विस्थापित हुए हैं और घरों, फसलों व सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुक़सान पहुँचा है। राज्य सरकार ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में जुटी हुई है।
इनपुट: IANS



