असम में बाढ़ का संकट गहराया, छह जिलों में सवा चार लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित
असम में मानसून की बाढ़ ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है, जिससे राज्य के छह जिलों में 4.45 लाख से ज़्यादा लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, राज्य प्रशासन ने…
असम में मानसून की बाढ़ ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है, जिससे राज्य के छह जिलों में 4.45 लाख से ज़्यादा लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, राज्य प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों में तेज़ी ला दी है, जहाँ हज़ारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
बाढ़ की सबसे ज़्यादा मार चराइदेव और शिवसागर जिलों पर पड़ी है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव में लगभग 1.88 लाख लोग प्रभावित हैं, जबकि शिवसागर में यह आँकड़ा करीब 1.44 लाख है। इनके अलावा गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे कुल 4,45,385 लोग प्रभावित हुए हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए 184 राहत शिविर और वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। इन शिविरों में फिलहाल 28,695 विस्थापित लोगों ने शरण ली हुई है, जिनमें 97 गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएँ और 42 दिव्यांग व्यक्ति भी शामिल हैं। बचाव अभियान के लिए राज्य और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF और NDRF) के साथ-साथ ज़िला प्रशासन के कर्मचारी भी तैनात हैं, जो फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए 67 नावों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कृषि और बुनियादी ढाँचे को भारी नुक़सान
बाढ़ ने राज्य में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। अब तक 631 गाँव जलमग्न हो चुके हैं और 37,139.52 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब गई है। इससे 2.56 लाख से ज़्यादा मवेशी भी प्रभावित हुए हैं और 26,000 से अधिक पालतू जानवर बाढ़ में बह गए हैं। बुनियादी ढाँचे को हुए नुक़सान की बात करें तो 171 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि 4,667 घरों को आंशिक क्षति पहुँची है। शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव में कई सड़कें और स्कूल भी बाढ़ की चपेट में हैं। अधिकारियों ने बताया कि नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
इस बीच, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के असम अध्यक्ष अहमद अली अय्यूबी ने बताया कि लगभग 2,400 प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।
इनपुट: IANS



