असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए विधायक, राहत कोष में देंगे एक महीने का वेतन
असम में विनाशकारी बाढ़ से लाखों लोगों के प्रभावित होने के बीच राज्य के सभी विधायक पीड़ितों की मदद के लिए एकजुट हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सभी विधायकों…
असम में विनाशकारी बाढ़ से लाखों लोगों के प्रभावित होने के बीच राज्य के सभी विधायक पीड़ितों की मदद के लिए एकजुट हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक महीने का वेतन दान करने पर सहमति व्यक्त की है।
यह अहम घोषणा मंगलवार को असम विधानसभा के अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने सदन में की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय राज्य के कई जिलों में आई भीषण बाढ़ से उत्पन्न संकट की स्थिति को देखते हुए लिया गया है। अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि वह स्वयं और विधानसभा उपाध्यक्ष भी बाढ़ प्रभावितों के साथ एकजुटता दिखाते हुए अपने एक महीने के वेतन का योगदान करेंगे।
विधायकों के साथ कर्मचारी भी आए आगे
जनप्रतिनिधियों के इस कदम के साथ ही असम विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी स्वेच्छा से एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय किया है। इस सामूहिक योगदान का उद्देश्य बाढ़ राहत और पुनर्वास कार्यों को मजबूती प्रदान करना है। इस पहल को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के राहत प्रयासों के प्रति सभी दलों के समर्थन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
बाढ़ से 4 लाख से अधिक लोग प्रभावित
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ऊपरी असम के कई बड़े हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं। नवीनतम सरकारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, जोरहाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) सहित कई जिलों में चार लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, कृषि भूमि को डुबो दिया है, और सड़कों समेत बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके चलते हजारों लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।
राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर चुकी है, जिसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन सहित कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। प्रशासन द्वारा राहत शिविरों और प्रभावित गांवों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
इनपुट: IANS



