शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताने पर विवाद, दीपेंद्र हुड्डा के घर के बाहर दंगा पीड़िता का प्रदर्शन

1984 के सिख-विरोधी दंगों में दोषी और उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की मौत पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा की एक टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। हुड्डा की टिप्पणी से नाराज़…

सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताने पर विवाद, दीपेंद्र हुड्डा के घर के बाहर दंगा पीड़िता का प्रदर्शन
(फोटो: IANS)

1984 के सिख-विरोधी दंगों में दोषी और उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की मौत पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा की एक टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। हुड्डा की टिप्पणी से नाराज़, दंगा पीड़िता निरप्रीत कौर ने शुक्रवार को दिल्ली में उनके आवास के बाहर एक पोस्टर लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पूरा मामला गुरुवार को दीपेंद्र हुड्डा के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने सज्जन कुमार की मौत को "देश के राजनीतिक परिदृश्य के लिए अपूरणीय क्षति" बताया था। सज्जन कुमार की गुरुवार को दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी, जहाँ वे 1984 के दंगों से जुड़े एक मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे थे।

क्या था दीपेंद्र हुड्डा का बयान?

पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस सांसद ने कहा, "सज्जन कुमार न केवल दिल्ली और ग्रामीण दिल्ली में, बल्कि पूरे उत्तर भारत में एक प्रमुख हस्ती थे। लोगों के साथ उनका जुड़ाव अनुकरणीय था और उन्हें हमारे देश भर में एक उदाहरण के तौर पर पेश किया जाता है।" हुड्डा के इसी बयान के बाद सिख संगठनों और दंगा पीड़ितों में आक्रोश फैल गया।

पीड़ितों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

इस बयान के विरोध में निरप्रीत कौर ने दीपेंद्र हुड्डा के घर के बाहर जो पोस्टर लगाया, उस पर लिखा था, "अगर सज्जन कुमार रोल मॉडल हैं, तो दोषी कौन हैं... दीपेंद्र हुड्डा, आपको शर्म आनी चाहिए।" गौरतलब है कि निरप्रीत कौर महज़ 16 साल की थीं जब उन्होंने 1 नवंबर 1984 को दिल्ली के राज नगर में अपने पिता को भीड़ द्वारा ज़िंदा जलाते हुए देखा था।

शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने भी हुड्डा की कड़ी आलोचना की है। एसएडी नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा, "मैं इस बयान की निंदा करता हूं। दीपेंद्र हुड्डा और कांग्रेस पार्टी को माफी मांगनी चाहिए।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस पार्टी हुड्डा को इस टिप्पणी के बाद भी पार्टी में बनाए रखेगी। मजीठिया ने IANS से कहा, "सिखों को अब यह समझ लेना चाहिए कि 1984 के नरसंहार पर कांग्रेस पार्टी का क्या रुख है।"

दंगों में अपने परिवार के सात सदस्यों को खोने वाले सुरजीत सिंह नाम के एक पीड़ित ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि दीपेंद्र हुड्डा एक अपराधी का साथ दे रहे हैं। उन्हें ऐसे व्यक्ति की तारीफ करने पर शर्म आनी चाहिए, जो इतने सारे लोगों की हत्या के लिए जिम्मेदार है।"

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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