अमृतसर एयरपोर्ट अब बना अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का नया केंद्र, 20 से ज़्यादा देशों की यात्रा होगी आसान
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अमृतसर हवाई अड्डे से सफ़र अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान हो गया है। सरकार ने मंगलवार को अमृतसर को देश का दूसरा 'हब एंड स्पोक' एयरपोर्ट घोषित कर दिया, जिससे यहाँ से 20 से…
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अमृतसर हवाई अड्डे से सफ़र अब पहले से कहीं ज़्यादा आसान हो गया है। सरकार ने मंगलवार को अमृतसर को देश का दूसरा 'हब एंड स्पोक' एयरपोर्ट घोषित कर दिया, जिससे यहाँ से 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए निर्बाध यात्रा संभव होगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, वाराणसी के बाद अमृतसर इस फ्रेमवर्क से जुड़ने वाला दूसरा हवाई अड्डा है।
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट की वैश्विक कनेक्टिविटी सीधे अमृतसर से ही मिल जाएगी। पहले, अमृतसर से केवल सात अंतरराष्ट्रीय जगहों के लिए सीधी उड़ानें थीं। अब यात्री एक ही बार में चेक-इन और बैगेज टैगिंग कराकर 20 से ज़्यादा देशों तक पहुँच सकेंगे।
यात्रियों के लिए कैसे आसान होगा सफ़र?
इस सुविधा के तहत, अंतरराष्ट्रीय यात्री अमृतसर में ही अपना चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम्स की सभी औपचारिकताएं पूरी कर लेंगे। उनका सामान सीधे अंतिम मंज़िल के लिए टैग हो जाएगा। इसके बाद, दिल्ली जैसे हब एयरपोर्ट पर उन्हें दोबारा इन प्रक्रियाओं से नहीं गुज़रना होगा और वे आसानी से अपनी कनेक्टिंग अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ सकेंगे।
नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस बदलाव पर कहा, "यात्री अब एक ही चेक-इन और एक ही बैगेज टैग के जरिए 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक यात्रा कर सकेंगे, जिससे पूरी यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और निर्बाध हो जाएगी।"
क्षेत्रीय विकास और रोज़गार की उम्मीदें
एक वीडियो संदेश में मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया, "दिल्ली हब की भूमिका निभाएगा, जबकि अमृतसर पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में उभरेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि मज़बूत प्रवासी समुदाय और व्यापक क्षेत्रीय पहुँच के कारण अमृतसर उन शहरों में से है जिन्हें इस वैश्विक कनेक्टिविटी से सबसे ज़्यादा लाभ मिलेगा।
हर साल लगभग 1.5 लाख यात्री अमृतसर से दिल्ली अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने जाते हैं, और इतने ही यात्री विदेशों से दिल्ली होकर अमृतसर आते हैं। केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई, "इस एकीकृत व्यवस्था के तहत यात्रा काफी आसान हो जाएगी, जिससे हमें यात्री संख्या में तेज वृद्धि की उम्मीद है।" मंत्रालय के अध्ययन के अनुसार, एविएशन हब के विकास से 2030 तक लगभग 4 लाख और 2047 तक 1.6 करोड़ तक रोज़गार पैदा हो सकते हैं।
भारत में पहली हब एंड स्पोक उड़ान व्यवस्था की शुरुआत 25 जून को वाराणसी से हुई थी। पिछले एक महीने में वाराणसी से दिल्ली होते हुए यात्री 18 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक बिना किसी परेशानी के पहुँचे हैं।
इनपुट: IANS



