केमिकल टैंकर 'यारा जे' रोमानिया के तट पर सुरक्षित पहुँचा, सभी 9 भारतीय नाविकों को दूतावास से मदद का आश्वासन
काला सागर में जारी तनाव के बीच केमिकल टैंकर 'यारा जे' पर सवार सभी नौ भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उनका जहाज रोमानिया के कॉन्स्टान्ता बंदरगाह पर सफलतापूर्वक पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली…
काला सागर में जारी तनाव के बीच केमिकल टैंकर 'यारा जे' पर सवार सभी नौ भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उनका जहाज रोमानिया के कॉन्स्टान्ता बंदरगाह पर सफलतापूर्वक पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, बुखारेस्ट स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को इस खबर की पुष्टि की।
रोमानिया में भारत के राजदूत मनोज महापात्रा ने रोमानियाई अधिकारियों और टैंकर के कंपनी सुरक्षा अधिकारी (CSO) से बातचीत के बाद यह जानकारी दी। दूतावास द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा गया, "राजदूत मनोज महापात्रा ने रोमानियाई अधिकारियों (जिसमें एसएआर रोमानिया और एमआरसीसी कॉन्स्टान्ता शामिल हैं) के साथ-साथ केमिकल टैंकर 'यारा जे' (आईएमओ: 9221803) के सीएसओ से बात की। यह पुष्टि हुई है कि जहाज पर सवार सभी नौ भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और जहाज कॉन्स्टान्ता बंदरगाह पहुंच गया है।"
पोस्ट में आगे बताया गया कि राजदूत ने सभी नाविकों को भारत सरकार की ओर से हरसंभव समर्थन और मदद का भरोसा दिलाया है।
हमलों के बीच अन्य भारतीयों की वतन वापसी
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब कुछ ही दिन पहले काला सागर में एक अन्य वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के बाद तीन भारतीय नागरिकों को बचाया गया था। दूतावास ने बताया कि साहिल संधू, अश्विनी कुमार और हरमन सिंह नाम के ये तीनों नागरिक अब रोमानिया से भारत के लिए रवाना हो चुके हैं।
दूतावास के मुताबिक, इन तीनों नागरिकों को 6 अक्टूबर को उनके जहाज 'एमवी रोयाद मम्मादोव' से बचाया गया था। दूतावास ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हर जरूरी सहायता प्रदान की और इस कार्य में सहयोग के लिए रोमानियाई अधिकारियों, कॉन्स्टान्ता काउंटी अस्पताल और बचाव दलों का आभार व्यक्त किया।
क्षेत्र में भारत का शांति का आह्वान
वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर भारत पहले ही अपनी चिंता जाहिर कर चुका है। 7 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए कहा था कि ये व्यापारिक शिपिंग और नाविकों की जान के लिए खतरा हैं। उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति बहाली के लिए संवाद और कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील की थी।
इनपुट: IANS



