करूर विधायक विजयभास्कर का इस्तीफा — AIADMK के लिए एक और बड़ी राजनीतिक हानि
तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव के बाद से एआईएडीएमके लगातार अपने विधायक खोती जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को पार्टी को एक और गहरा झटका तब लगा जब करूर से विधायक और पूर्व परिवहन मंत्री एम.आर. विजयभास
तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव के बाद से एआईएडीएमके लगातार अपने विधायक खोती जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को पार्टी को एक और गहरा झटका तब लगा जब करूर से विधायक और पूर्व परिवहन मंत्री एम.आर. विजयभास्कर ने तमिलनाडु विधानसभा की सदस्यता से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया।
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, विजयभास्कर ने विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर को हस्तलिखित इस्तीफा सौंपकर अपनी सदस्यता त्याग दी। राजनीतिक सूत्र संकेत दे रहे हैं कि वे जल्द ही सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) में शामिल हो सकते हैं, हालांकि अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव के बाद से जारी है AIADMK में बिखराव
2026 विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, मगर बहुमत के आंकड़े से पीछे रही। बाद में सहयोगी दलों के समर्थन से उसने सरकार गठित की। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान इसे टीवीके और डीएमके के बीच सीधे मुकाबले के रूप में पेश किया था। नतीजों में डीएमके मुख्य विपक्षी दल बनी, जबकि एआईएडीएमके तीसरे पायदान पर सिमट गई।
चुनाव नतीजों के तत्काल बाद दल-बदल की आशंका को देखते हुए एआईएडीएमके ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में रखा था। इसी दौर में पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं एस.पी. वेलुमणि, सी.वी. शनमुगम और विजयभास्कर को एक अलग गुट के रूप में देखा जाने लगा। वेलुमणि गुट ने बाद में महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के साथ समझौता कर पार्टी में वापसी कर ली, लेकिन शनमुगम और विजयभास्कर ने पार्टी नेतृत्व से मुलाकात में देरी की — जिससे उनके भविष्य को लेकर अटकलें बनी रहीं।
कई विधायक पहले ही थाम चुके हैं टीवीके का दामन
आने वाले हफ्तों में एआईएडीएमके के अनेक विधायकों ने विधानसभा छोड़कर टीवीके का रुख किया। मरगथम कुमारवेल, जयकुमार, सत्यभामा और इसाक्की सुब्बैया इस सूची में प्रमुख नाम हैं। विजयभास्कर के इस्तीफे के साथ यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा और विधानसभा में एआईएडीएमके की संख्या और घट गई है।
सत्तारूढ़ गठबंधन होगा और मज़बूत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विजयभास्कर टीवीके में शामिल होते हैं, तो इससे विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिति और सुदृढ़ होगी। दूसरी तरफ, पलानीस्वामी के नेतृत्व में एआईएडीएमके के सामने संगठन को एकजुट रखने और इस्तीफों की श्रृंखला को रोकने की चुनौती और गहरी हो गई है।
इनपुट: IANS



