अदाणी एंटरप्राइजेज ने निवेशकों के भरोसे पर जुटाए 15,000 करोड़, QIP को मिली 3.8 गुना बोलियां
निवेशकों के सेंटिमेंट में एक बड़े बदलाव का संकेत देते हुए अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने अपने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए सफलतापूर्वक बड़ी पूंजी जु
निवेशकों के सेंटिमेंट में एक बड़े बदलाव का संकेत देते हुए अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने अपने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए सफलतापूर्वक बड़ी पूंजी जुटाई है। कंपनी ने अपने इश्यू का आकार बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपये कर दिया था, जिसके बदले उसे लगभग 38,000 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह जबरदस्त मांग बेस इश्यू साइज का 3.8 गुना है, जो घरेलू और वैश्विक संस्थागत निवेशकों के बीच समूह को लेकर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। इस QIP के साथ, अदाणी एंटरप्राइजेज पिछले एक साल में फ्रेश इक्विटी के माध्यम से लगभग 40,000 करोड़ रुपये जुटाने में सफल रही है।
बड़े वैश्विक और घरेलू निवेशकों ने दिखाया दम
इस फंड जुटाने की प्रक्रिया में दुनिया के कुछ सबसे बड़े एसेट मैनेजरों ने हिस्सा लिया। इनमें कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैश, ब्लैकरॉक, ब्लैकस्टोन और नोमुरा जैसे नाम शामिल थे। घरेलू मोर्चे पर भी एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, कोटक, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, एसबीआई और टाटा म्यूचुअल फंड जैसे प्रमुख फंड हाउस ने भागीदारी की। इस सौदे से जुड़े लोगों ने बताया कि इश्यू के औपचारिक रूप से खुलने से पहले ही ऑर्डर बुक पूरी तरह भर गई थी, और निवेशक शेयर पाने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। शुरुआत में QIP का बेस साइज 10,000 करोड़ रुपये रखा गया था, जिसे भारी मांग के चलते बढ़ाना पड़ा।
निवेशकों के बदलते नजरिए का संकेत
यह घटनाक्रम अदाणी समूह के प्रति निवेशकों की सोच में आए बदलाव को रेखांकित करता है। एक समय था जब कई संस्थागत निवेशक समूह के शेयरों से दूरी बनाते थे, लेकिन अब वे वैश्विक और घरेलू फंड मैनेजर्स के लिए पसंदीदा विकल्पों में से एक बन गए हैं। पिछले एक साल में अदाणी एंटरप्राइजेज के अलावा अदाणी पावर, अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और अदाणी ग्रीन एनर्जी जैसी कंपनियों में भी बड़े संस्थागत निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है।
कानूनी मामलों के बीच भी बना रहा भरोसा
यह नई पूंजी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका के एक फेडरल जज ने अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक आरोपों को औपचारिक रूप से हटाने पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद, संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी से यह स्पष्ट है कि वे समूह के ऑपरेटिंग बिजनेस, पूंजी आवंटन और विकास की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अदाणी एंटरप्राइजेज एयरपोर्ट, डेटा सेंटर, सोलर-विंड उपकरण निर्माण, सड़क, पीवीसी, और मेटल जैसे क्षेत्रों में विस्तार कर रही है।
इनपुट: IANS



