ओडिशा में अदाणी ग्रुप का विशाल एल्युमीनियम प्रोजेक्ट: 1 लाख करोड़ रु. के निवेश से बदलेगी तस्वीर
अदाणी ग्रुप ने ओडिशा में एक विशाल एल्युमीनियम कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के लिए एक बड़ी योजना का अनावरण किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डि
अदाणी ग्रुप ने ओडिशा में एक विशाल एल्युमीनियम कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के लिए एक बड़ी योजना का अनावरण किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) भी भागीदार होगी और इसमें कुल 11.5 अरब डॉलर (लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये) का निवेश किया जाएगा। गुरुवार को भुवनेश्वर में इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस प्रोजेक्ट को अदाणी ग्रुप की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने इस मौके पर कहा, “11.5 अरब डॉलर (लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपए) के प्रस्तावित निवेश के साथ, यह दुनिया भर में एल्युमीनियम इकोसिस्टम में किए गए सबसे अहम निवेशों में से एक है। लेकिन इसकी असली अहमियत सिर्फ निवेश की रकम में नहीं है, बल्कि इसके असर की गहराई में है।”
प्रोजेक्ट का आकार और क्षमता
यह परियोजना एक एकीकृत एल्युमीनियम इकोसिस्टम बनाने पर केंद्रित है, जिसमें पूरी वैल्यू चेन शामिल होगी। इसके तहत, सालाना 40 लाख टन क्षमता वाली एक एल्युमिना रिफाइनरी और 20 लाख टन क्षमता वाला एक एल्युमीनियम स्मेल्टर स्थापित किया जाएगा। साथ ही, लगभग 10 लाख टन की वार्षिक क्षमता वाला एक डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम पार्क भी विकसित होगा, जहाँ एल्युमीनियम से तैयार उत्पाद बनाए जाएंगे।
इस विशाल कॉम्प्लेक्स की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, लगभग 4,000 मेगावाट का कैप्टिव पावर प्लांट भी लगाया जाएगा। इसमें लगभग 400 मेगावाट हरित ऊर्जा (Green Energy) का भी योगदान होगा, जो इसे पर्यावरण के लिहाज़ से भी अहम बनाता है।
रोजगार और आर्थिक प्रभाव
करण अदाणी ने इस प्रोजेक्ट के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि निर्माण चरण के दौरान इससे करीब 35,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। एक बार प्लांट पूरी तरह चालू हो जाने के बाद, यह लगभग 18,500 लोगों को स्थायी रोजगार देगा।
उन्होंने कहा, “इनमें से हर आंकड़े के पीछे एक परिवार, एक सपना, कोई युवा जो हुनर सीख रहा है, कोई छोटा बिजनेस जिसे ऑर्डर मिला है, कोई स्थानीय उद्यमी जिसे बाजार मिला है, और कोई समुदाय जो नए मौके देख रहा है - ये सब शामिल हैं।” उन्होंने इस प्रोजेक्ट को ओडिशा के लिए एक नए आर्थिक अध्याय की शुरुआत बताया जो भारत के विकास में भी योगदान देगा।
इनपुट: IANS



