बेगूसराय: बेटी की मौत के मुआवजे के लिए रिश्वत मांग रहा था क्लर्क, निगरानी विभाग ने रंगे हाथों पकड़ा
बिहार के बेगूसराय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक ऐसे क्लर्क को गिरफ्तार किया है जो एक मृत लड़की के परिवार को मिलने वाले सरकारी मुआवजे को जारी करने के बदले रिश्वत ले रहा था। आरोपी सोनू कुमार को…
बिहार के बेगूसराय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक ऐसे क्लर्क को गिरफ्तार किया है जो एक मृत लड़की के परिवार को मिलने वाले सरकारी मुआवजे को जारी करने के बदले रिश्वत ले रहा था। आरोपी सोनू कुमार को शुक्रवार को सदर ब्लॉक कार्यालय में 4,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई चांदपुर गांव की रहने वाली दौलती देवी की शिकायत पर की गई।
पिछले साल नवंबर में छठ पूजा के 'नहाय-खाय' के दौरान दौलती देवी की बेटी रानी कुमारी की डूबने से मौत हो गई थी। आपदा राहत योजना के तहत, उनके परिवार को सरकार से 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलना था। लेकिन आरोप है कि सदर ब्लॉक कार्यालय में क्लर्क सोनू कुमार ने फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग की, जिस वजह से करीब एक साल से प्रक्रिया अटकी हुई थी।
80 हजार से शुरू हुई थी रिश्वत की मांग
दौलती देवी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि मुआवजा राशि जारी करने के लिए क्लर्क सोनू कुमार ने उनसे शुरुआत में 80,000 रुपये की मांग की थी। बाद में यह रकम घटाकर 5,000 रुपये कर दी गई। जब दौलती देवी ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति का हवाला दिया, तो आरोपी क्लर्क 4,000 रुपये लेने पर राजी हो गया।
रिश्वत देने में असमर्थ होने पर, दौलती देवी ने हिम्मत दिखाते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। निगरानी विभाग के डीएसपी रामबाबू प्रसाद ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पहले आरोपों की सत्यता की जांच की गई। पुष्टि होने पर मामला दर्ज कर आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई।
कार्यालय में ही बिछाया गया जाल
जांच के बाद, निगरानी विभाग की टीम ने शुक्रवार को सदर ब्लॉक कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही सोनू कुमार ने शिकायतकर्ता दौलती देवी से रिश्वत के 4,000 रुपये लिए, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी से ब्लॉक कार्यालय में हड़कंप मच गया। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी और की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी।
इनपुट: IANS



