नेपाल बाढ़ त्रासदी: 675 शव बरामद, 2500 के करीब अब भी लापता, भारत ने भेजी चौथी राहत खेप
नेपाल में भयंकर बाढ़ और भूस्खलन की तबाही के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। देश की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने पुष्टि की है कि प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 675…
नेपाल में भयंकर बाढ़ और भूस्खलन की तबाही के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। देश की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने पुष्टि की है कि प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 675 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2,498 लोग अब भी लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा ने जान-माल के साथ-साथ देश के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुँचाया है।
आपदा का असर पर्यटन पर भी पड़ा है। पर्यटन विभाग के आँकड़ों के मुताबिक, शनिवार शाम 5:30 बजे तक कुल 753 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया था, जिनमें 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। भोटेकोसी नदी में आई अचानक बाढ़ इस विनाश का मुख्य कारण रही, जिससे कई जलविद्युत परियोजनाओं, सड़कों और पुलों को गंभीर क्षति पहुँची है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के पीड़ितों के लिए विभिन्न संगठनों और आम नागरिकों से राहत सामग्री दान करने की अपील की है।
भारत की ओर से लगातार मदद
इस संकट की घड़ी में भारत ने पड़ोसी देश नेपाल के लिए अपनी सहायता जारी रखी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को बताया कि भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान से 11 टन अतिरिक्त राहत सामग्री की चौथी खेप नेपाल भेजी गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा, "भारत से 11 टन सहायता लेकर चौथी उड़ान अब रवाना हो चुकी है।"
इस खेप में विशेष रूप से खोज और बचाव कार्यों के लिए सुरंग विशेषज्ञों की एक तकनीकी टीम और आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा, शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच हेतु फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और उपकरण भी भेजे गए हैं। भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल और स्वच्छता किट जैसी जरूरी वस्तुएँ भी हैं।
बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में सहयोग
राहत सामग्री के अलावा भारत पुलों के पुनर्निर्माण में भी मदद कर रहा है। विदेश मंत्री ने बताया कि 230 फुट लंबे एक मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए जरूरी उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुँच चुके हैं। साथ ही, सात और बेली ब्रिज स्थापित करने के लिए भी उपकरण जल्द भेजे जाएंगे और इन्हें लगाने वाली तकनीकी टीमें भी शीघ्र ही नेपाल पहुँचेंगी।
बुधवार को भेजी गई खेप को मिलाकर अब तक भारत हवाई मार्ग से कुल 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुँचा चुका है। इसमें दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट और पानी साफ करने की गोलियाँ शामिल हैं। जयशंकर ने कहा, "नेपाल के राहत और बचाव प्रयासों में हमारा सहयोग लगातार जारी है।"
इनपुट: IANS



