पंजाब में नशा-विरोधी अभियान के 500 दिन: 68 हजार गिरफ्तार, DGP ने बताया आगे का प्लान
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही 'युद्ध नशियां विरुद्ध' मुहिम ने 500 दिन पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अभियान के तहत राज्य पुलिस ने अब तक 68,850 से अधिक ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 629 बड़े…
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही 'युद्ध नशियां विरुद्ध' मुहिम ने 500 दिन पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अभियान के तहत राज्य पुलिस ने अब तक 68,850 से अधिक ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 629 बड़े सिंडिकेट चलाने वाले भी शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने शुक्रवार को इस अभियान की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी।
डीजीपी यादव ने बताया कि 1 मार्च 2025 को यह अभियान शुरू हुआ था, और तब से लेकर अब तक नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत 52,432 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। गिरफ्तार किए गए 629 बड़े तस्करों से दो-दो किलोग्राम से अधिक की हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है।
कानूनी कार्रवाई और संपत्ति पर शिकंजा
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के प्रमुख नीलाभ किशोर के मुताबिक, कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। इस दौरान ड्रग तस्करों की 319 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त या कुर्क भी किया गया है। साथ ही, नशीले पदार्थों के कारोबार से कमाए गए धन से सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त किया गया है।
समुदाय की भागीदारी और पुनर्वास के प्रयास
इस अभियान की एक बड़ी सफलता 'सेफ पंजाब एंटी-ड्रग हेल्पलाइन (97791-00200)' रही है। इस पर मिली 46,342 गुमनाम सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने 22,960 तस्करों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। इसके अलावा, गांव स्तर पर 1.25 लाख से अधिक सदस्यों वाली 24,000 ग्राम रक्षा समितियां भी पुलिस को खुफिया जानकारी देने में मदद कर रही हैं।
सरकार ने कार्रवाई के साथ-साथ नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर भी जोर दिया है। एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64-ए के तहत 10,917 लोगों को अभियोजन से छूट देकर इलाज और पुनर्वास का मौका दिया गया है।
देश में सबसे बेहतर दोषसिद्धि दर
डीजीपी गौरव यादव ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब पुलिस सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि मजबूत जांच और दोषियों को सजा दिलाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस मामलों में 89 प्रतिशत की दोषसिद्धि दर के साथ पंजाब देश में सबसे आगे है। इसका श्रेय बेहतर जांच, पुख्ता सबूत जुटाने और अभियोजन एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय को दिया गया है।
इनपुट: IANS



