न्यूयॉर्क: मोहन भागवत के कार्यक्रम में 5000 लोगों के जुटने की उम्मीद, 'वसुधैव कुटुंबकम्' होगा मुख्य संदेश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध मैडिसन स्क्वायर गार्डन में एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस आयोजन का केंद्रीय विषय भारतीय दर्शन 'वसुधैव…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध मैडिसन स्क्वायर गार्डन में एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस आयोजन का केंद्रीय विषय भारतीय दर्शन 'वसुधैव कुटुंबकम्' यानी 'पूरी दुनिया एक परिवार है' रखा गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम में अमेरिका के 39 प्रांतों के 85 शहरों से 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम की प्रवक्ता प्रिया सामंत ने बताया कि यह आयोजन विभिन्न धर्मों के लोगों का एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मिलन होगा। उन्होंने कहा, "यह कार्यक्रम भारतीय दर्शन 'वसुधैव कुटुंबकम' का जश्न है... हम सभी शांति और सद्भाव के साथ रह सकते हैं, भले ही हमारे बीच मतभेद हों।" सामंत ने यह भी जानकारी दी कि 200 से अधिक संगठनों ने इस कार्यक्रम के लिए साझेदारी की है, जो दोपहर 2 बजे शुरू होगा।
शांति और सद्भाव का संदेश
आयोजन से जुड़े भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्य अविनाश गुप्ता ने कहा कि यह सभा भारत की प्राचीन संस्कृति के उस शाश्वत दर्शन को दर्शाती है, जिसमें दुनिया को एक परिवार माना गया है। उन्होंने कहा, "इस विभाजित दुनिया और मुश्किल समय में हमारे लिए एकजुट होना और एक-दूसरे के साथ एकता, शांति और सद्भाव का संदेश फैलाना और भी जरूरी है।"
यह कार्यक्रम रक्षाबंधन के सप्ताहांत पर हो रहा है, जिसे आयोजकों ने 'सुरक्षा, देखभाल और एक-दूसरे के बीच बंधन' का प्रतीक बताया है। कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी युवाओं द्वारा भजन गायन भी शामिल होगा। 'फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स' के वॉलंटियर अंकुर वैद्य ने न्यूयॉर्क के लोगों और अमेरिकी समुदाय से इसमें शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि इसका मकसद "सबको साथ लेकर चलने और सबकी भलाई का संदेश देना है।"
विरोध और संवाद पर आयोजकों का पक्ष
कार्यक्रम के पंजीकरण को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसके चलते इसे बंद करना पड़ा। हालांकि, जो लोग इसमें व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पा रहे हैं, वे इसे ऑनलाइन देख सकेंगे। कार्यक्रम के विरोध से जुड़े सवालों पर प्रवक्ता प्रिया सामंत ने कहा कि एक आजाद समाज में लोगों को अपनी राय रखने का हक है। उन्होंने कहा, "हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं, गहरे मतभेद भी हो सकते हैं, लेकिन फिर भी हम एक साथ आ सकते हैं, एक ही मेज पर बैठकर अपने मतभेदों पर बातचीत कर सकते हैं।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि बातचीत का मतलब समर्थन करना या सहमत होना नहीं है, बल्कि यह आपसी समझ का एक रास्ता है। सामंत ने कहा, "'एकता' का मतलब 'एक जैसा होना' नहीं है। इसका मतलब है कि हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं और फिर भी हम साथ मिलकर काम कर सकते हैं।"
इनपुट: IANS



