सोमवार, 6 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
टेक्नोलॉजी

सेमीकंडक्टर हब बनने की राह पर भारत, 2026 तक 5 प्लांट शुरू करने का लक्ष्य

भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि साल 2026 के अंत तक देश में पांच सेमीकंडक्टर प्लांट पूरी

सेमीकंडक्टर हब बनने की राह पर भारत, 2026 तक 5 प्लांट शुरू करने का लक्ष्य
(फोटो: IANS)

भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि साल 2026 के अंत तक देश में पांच सेमीकंडक्टर प्लांट पूरी तरह काम करना शुरू कर देंगे। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने में एक मजबूत नींव का काम करेगी।

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कुल मिलाकर, केंद्र सरकार अब तक 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को हरी झंडी दे चुकी है। इनमें से तीन फैसिलिटी में व्यावसायिक उत्पादन पहले ही शुरू हो गया है, जबकि दो अन्य प्लांट अगले कुछ महीनों में उद्घाटन के लिए तैयार हैं। यह भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता में दुनिया के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

गुजरात का सीजी सेमी प्लांट: एक बड़ी कामयाबी

गुजरात के साणंद में स्थित सीजी सेमी (OSAT) फैसिलिटी, जो देश की तीसरी ऐसी परियोजना है, अब व्यावसायिक उत्पादन कर रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्लांट की सफलता का श्रेय गुजरात सरकार के सक्रिय सहयोग को दिया। यह प्लांट रिकॉर्ड 27 महीनों के भीतर भूमिपूजन से उत्पादन के स्तर तक पहुंच गया, जिसका भूमिपूजन 13 मार्च, 2024 को हुआ था।

जापान की कंपनी रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ साझेदारी में विकसित इस प्रोजेक्ट पर 7,600 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है। इस साझेदारी से भारत को वैश्विक तकनीक और आधुनिक निर्माण प्रक्रियाओं तक पहुंच मिली है। यहां बनने वाले सेमीकंडक्टर का उपयोग ऑटोमोबाइल, स्कूटर और औद्योगिक उपकरणों में किया जाएगा। साथ ही, इनका निर्यात जापान, अमेरिका और यूरोप को भी किया जाएगा।

रोजगार और सामाजिक बदलाव का प्रतीक

केंद्रीय मंत्री ने इस प्लांट को सिर्फ एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यहां झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर, केरल और गुजरात की कई युवा महिलाएं ऑपरेटर के तौर पर काम कर रही हैं। इन महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण के लिए मलेशिया भी भेजा गया था और भविष्य में ऐसा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण भारत में ही उपलब्ध कराने की योजना है।

गौरतलब है कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अब लगभग 13 लाख करोड़ रुपए का उद्योग बन चुका है और इस क्षेत्र ने 25 लाख से ज़्यादा लोगों को रोजगार प्रदान किया है। देश के पहले और दूसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का शुभारंभ क्रमशः 28 फरवरी 2026 और 31 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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