शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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बांग्लादेश: दुर्गा पूजा से पहले हिंदू मंदिरों पर हमलों की 34 घटनाएं, अल्पसंख्यक संगठनों ने जताई चिंता

बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के आयोजन से ठीक पहले हिंदू मंदिरों और मूर्तियों पर हमलों की घटनाओं ने अल्पसंख्यक समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, देश के प्रमुख हिंदू संगठनों ने…

बांग्लादेश: दुर्गा पूजा से पहले हिंदू मंदिरों पर हमलों की 34 घटनाएं, अल्पसंख्यक संगठनों ने जताई चिंता
(फोटो: IANS)

बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के आयोजन से ठीक पहले हिंदू मंदिरों और मूर्तियों पर हमलों की घटनाओं ने अल्पसंख्यक समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, देश के प्रमुख हिंदू संगठनों ने बताया है कि अब तक मंदिरों पर हमले और मूर्तियों को खंडित करने से जुड़ी कुल 34 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इन घटनाओं के बाद, अल्पसंख्यक संगठनों ने सरकार से पूजा के दौरान और पूरे साल सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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यह मांग ढाका के ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर परिसर में गुरुवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उठाई गई। बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद और महानगर सर्वजनिन पूजा समिति द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की गई।

चिंताजनक घटनाएं और सुरक्षा की मांग

बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद के महासचिव संतोष शर्मा ने कहा, "इस साल एक उल्लेखनीय बात यह है कि अब तक मूर्तियों को खंडित करने, मंदिरों पर हमले और इस तरह की अन्य घटनाओं के कुल 34 मामले सामने आए हैं।" संगठनों ने जोर देकर कहा कि सिर्फ पूजा के पांच दिनों की सुरक्षा काफी नहीं है। उन्होंने कहा, "साल के 365 दिन सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।"

संगठनों द्वारा जारी बयान में सिलहट, राजबाड़ी, पंचगढ़ और टांगाइल जैसे कई जिलों का उल्लेख है, जहां त्योहार की तैयारियों के बीच मूर्तियों को तोड़ा गया। इसके अलावा, फरीदपुर के एक ऐतिहासिक काली मंदिर में चोरी और सुनामगंज में हिंदू समुदाय के घरों, दुकानों और मंदिरों पर हमले व लूटपाट की घटनाओं का भी जिक्र किया गया।

न्याय और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर जोर

नेताओं ने उम्मीद जताई कि दुर्गा पूजा शांतिपूर्वक संपन्न होगी और यह त्योहार सभी समुदायों को एकजुट करेगा। उन्होंने धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बनाए रखने और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के दायरे में लाने की जरूरत पर बल दिया। उनके मुताबिक, भेदभाव-मुक्त बांग्लादेश के निर्माण के लिए यह आवश्यक है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसी सप्ताह, ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज (एचआरसीबीएम) ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें जुलाई से सितंबर 2026 के बीच अल्पसंख्यकों को प्रभावित करने वाली 498 घटनाओं का विवरण था। इनमें हत्या, यौन हिंसा, और धार्मिक स्थलों पर हमले जैसे गंभीर मामले शामिल थे।

इनपुट: IANS

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