राजस्थान में 22 साल पहले हत्या, आरोपी अहमदाबाद में पहचान छिपाकर जी रहा था, अब गिरफ्तार
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे 54 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो 22 साल पुराने हत्या के एक मामले में लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आरोपी दिनेश देसाई को…
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे 54 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो 22 साल पुराने हत्या के एक मामले में लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आरोपी दिनेश देसाई को अहमदाबाद के वेजलपुर इलाके से पकड़ा गया, जहाँ वह अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था।
यह मामला साल 2002 का है, जब राजस्थान के पाली जिले में दलाराम नाई नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। आरोपी देसाई कथित तौर पर इस हत्या में शामिल था और तब से ही फरार चल रहा था। इन दो दशकों में उसने पुलिस से बचने के लिए कई बार अपना ठिकाना बदला।
सड़क हादसा दिखाने की साजिश
पुलिस के मुताबिक, यह हत्या पैतृक संपत्ति और कारोबार को लेकर हुए एक पारिवारिक विवाद का नतीजा थी। हत्या की साजिश के तहत, देसाई और तीन अन्य आरोपी अहमदाबाद से पाली गए थे। उन्होंने जानबूझकर अपनी चार पहिया गाड़ी से उस मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिस पर दलाराम नाई सवार थे। इस घटना को एक सड़क हादसे का रूप देने के लिए आरोपियों ने अपनी गाड़ी मौके पर ही छोड़ दी और फरार हो गए। हालांकि, पुलिस जांच में यह एक सुनियोजित हत्या निकली।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच लंबे समय से लंबित मामलों में वांछित अपराधियों की तलाश कर रही थी। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एपी जेबलिया ने बताया कि इसी दौरान एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को सूचना मिली कि राजस्थान के पाली में हुई हत्या का एक आरोपी अहमदाबाद के वेजलपुर में रह रहा है। मुखबिरों और तकनीकी जांच की मदद से पुलिस ने आरोपी की पहचान की पुष्टि की और उसके मौजूदा पते का पता लगाया।
जांच में पता चला कि हत्या के बाद देसाई पहले अपने पैतृक गांव कांकरेज (बनासकांठा) गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने पर वहां से अहमदाबाद भाग आया। यहां उसने शुरुआत में सतेज इलाके में एक मजदूर के तौर पर काम किया और बाद में वेजलपुर चला गया, जहाँ वह अपने परिवार के साथ रह रहा था।
मामले में आगे की कार्रवाई
इस मामले में राजस्थान पुलिस पहले ही तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें देसाई का एक रिश्तेदार रमेश नाई भी शामिल है, जो संपत्ति विवाद में मुख्य रूप से शामिल था। देसाई के खिलाफ सदरी पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 302 (हत्या) और 120(बी) (आपराधिक साजिश) समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज है। क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच करेगी कि फरार रहने के दौरान देसाई कहाँ-कहाँ रहा और क्या किसी ने उसकी मदद की। इसके बाद उसे राजस्थान पुलिस को सौंप दिया जाएगा।
इनपुट: IANS



